क्राइम

बिहार: नाबालिग से गैंगरेप कर जिंदा जलाया, वीडियो बनाकर किया वायरल

पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र में एक 12 वर्षीया नाबालिगा को गैंगरेप के बाद जिंदा जला दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना बीते 3 जनवरी की ही बताई जा रही है, लेकिन पीड़िता के पिता, जो परदेश में मजदूरी करते हैं, उनके लौटने के बाद एफआईआर दर्ज की जा सकी। हालांकि गांव के स्तर पर पंचायती कर मामले को निपटाने की कोशिश भी की गई।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार अब पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित की मां सहित आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस घटना का सबसे आश्चर्यजनक और दुःखद पहलू यह है कि पीड़िता के साथ उन्हीं आरोपितों द्वारा एक माह पहले भी गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था, पर उस वक्त न तो एफआईआर दर्ज कराई गई, न कोई कार्रवाई हुई। साथ ही सभी आरोपित पीड़िता के संबन्धी भी बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद परदेश से लौटने के बाद पीड़िता के पिता ने आवेदन दिया तो मंगलवार को स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज हुई। मामले में गांव के ही चार युवकों को आरोपित किया गया है।

स्थानीय मीडिया की रिपर्ट्स के अनुसार पीड़िता गांव में अपने दादा-दादी व बड़ी बहन के साथ रहती थी। पिता दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता है। थाने को दिए रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तीन जनवरी की है। आरोपितों ने पीड़िता के साथ उसके घर में ही गैंगरेप किया। फिर उसे कमरे में ही जिंदा जला दिया गया। हालांकि शव को ठिकाने लगाते हुए पीड़िता की बड़ी बहन ने आरोपितों को देख लिया था।

पीड़िता के पिता द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बीते साल 5 दिसंबर को भी आरोपितों ने पीड़िता का का गैंगरेप करते हुए वीडियो बनाया था। उसकी अश्लील फोटो भी मोबाइल से खींचा। इसके बाद से आरोपित उसे बार-बार ब्लैकमेल करता था जब वह आने में आनाकानी करने लगी तो आरोपितों ने उक्त वीडियो को वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद तीन जनवरी को गैंगरेप भी किया और वीडियो वायरल भी कर दिया।

पीड़िता के पिता ने मीडिया को बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे गांव पहुंचे। बीते सात जनवरी को ग्रामीणों को पंचायत के लिए बुलाया। लेकिन इसमें कोई निर्णय नहीं निकल सका। इसके बाद आठ जनवरी को थाने में आवेदन दिया। लेकिन, पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।

फिर बीते सोमवार को भी पंचायत बुलायी गई। इसमें भी कोई निर्णय नहीं निकला। सभी लोग केस मैनेज करने को लेकर दबाव बना रहे थे। लोक लज्जा का हवाला दे रहे थे। लेकिन, वह नहीं माने जब मंगलवार को आवेदन की जानकारी लेने थाना पर पहुंचा तो उस वक्त तक केस नहीं हो सका था। हालांकि उसके बाद केस दर्ज किया गया।

बताया जा रहा है कि घटना में पुलिस ने आरोपित की मां समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं नामजद चार फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कर रही है।

एसएसपी ने बताया कि जांच की जा रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जल्द आरोपितों की भी गिरफ्तारी होगी। जानकारी के अनुसार पीड़िता के पिता ने बताया है कि इस कांड का मुख्य आरोपित उनके एक रिश्तेदार का ही बेटा है। अब अपनों पर भी भरोसा कहां रहा।

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