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बिहारवासियों को एक और सौगात, अब पटना से भी चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमी हाई स्पीड ट्रेन “वंदे भारत एक्सप्रेस” का उद्घाटन किया। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का नाम पहले ट्रेन 18 रखा गया था लेकिन बाद में इसे वंदे भारत नाम देकर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी गयी। खुद रेल मंत्री पियूष गोयल ने देश की इस पहली हाई स्पीड ट्रेन में वाराणसी का सफर तय किया। रेल मंत्री पियूष गोयल ने बताया कि आने वाले समय में पटना से रांची, कोलकाता, दिल्ली के लिए भी ट्रेन चलेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 6 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और कानपुर और इलाहाबाद होते हुए दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस ट्रेन का समय वाराणसी से दिल्ली के लिए दोपहर 3 बजे रखा गया है, जो रात 11 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।

इस ट्रेन की ख़ास बात ये कि यह ट्रेन अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे के रफ़्तार से चल सकती है। शताब्दी ट्रेनों से भी बेहतर इस ट्रेन में होगी, और इस ट्रेन का मेट्रो ट्रेन जैसा बनाया गया है। कोच अंदर से भी दिखने में काफी आकर्षक दिखता है। इस ट्रेन का मकसद लोगों को बिलकुल नया अनुभव देना है। इसमें 16 वातानुकूलित कोच होंगे, जिसमें दो एग्जीक्यूटिव श्रेणी के कोच होंगे। इसमें कुल 1128 यात्री सवार हो पाएंगे। 17 फरवरी के बाद यात्री irctc.co.in से बुक कर सकते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत चेन्नई में इंटिग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में किया गया है।

वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का किराया दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए 1760 रूपए है, और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3310 रुपए है। जबकि वापसी में वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का किराया 1700 रुपए और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3260 रुपए है। खाने-पीने का भी शुल्क दोनों किराये में शामिल है। जो ट्रेन दिल्ली से चलेगी उसका नंबर 22436 है, और वराणसी से चलने वाली ट्रेन का नंबर 22435 है। इस ट्रेन के दरवाज़े आटोमेटिक खुलेंगे और बंद होंगे और इसके हरेक कोच में दो इमरजेंसी स्विच हैं। इस इंजन-लेस ट्रेन में 12 एसी चेयर कार कोच और 2 एक्जिक्यूटिव क्लास के कोच हैं। इसके अलावा 2 कोच ड्रायवर कार के भी हैं।

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