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बिलख रहा था 22 दिन का मासूम बेटा, शादी के जोड़े में मां दे रही थी सुहाग को अंतिम विदाई

हिमाचल के कांगड़ा निवासी तिलक राज की पुलवामा में शहादत की सूचना के बाद में गमगीन पूरा परिवार रोता-बिलखता रहा. शहीद की पत्नी सावित्री देवी, मां विमला देवी और पिता लायक राम पूरा दिन बेसुध से रहे.

शहीद तिलक राज के 22 दिन के बेटे विवान को रिश्तेदारों ने बेड के पास झूले में लिटाया था. घर में जहाँ शहादत के गम का मातम था, वहीँ 22 दिन का मासूम माँ के दूध के लिए रो रहा था. पति की शहादत के गम में डूबी माँ मासूम के रोने से बेखबर थी. रिश्तेदार माँ और मासूम को चुप कराने की कोशिश कर रहे थे.

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान तिलक राज को पत्नी सावित्री ने उसी दुल्हन के जोड़े में अंतिम विदाई दी जिसे पहनकर वह पहली बार अपने ससुराल आई थीं. सावित्री की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे.

तिलक राज ने मौत से 6 घंटे पहले सुबह 9 बजे अपनी पत्नी सावित्री देवी को फोन किया था. तिलक राज ने सावित्री से कहा था कि जम्मू से श्रीनगर के लिए उनकी बस चल पड़ी है. इसके बाद से उनका कोई फोन नहीं आया.

आज शहीद के गाँव में सन्नाटा छाया हुआ है. हर आंख नम, पूरी पंचायत गम में डूबी, पाकिस्तान के खिलाफ लोगों के दिलों में आक्रोश, देश पर मर-मिटने को आतुर हर वर्ग शहीद के घर से लेकर श्मशानघाट तक हुर्रियत के खिलाफ, पाकिस्तान मुर्दाबाद और शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे लगा रहा था.

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