उत्तर प्रदेश

बाल पुष्टाहार वितरण में हुई जमकर बंदरबांट, प्रशासनिक नियमों की उड़ी धज्जियां

बाल पुष्टाहार वितरण में हुई जमकर बंदरबांट, प्रशासनिक नियमों की उड़ी धज्जियां

मुझे पंजीकृत बच्चों की संख्या के अनुसार बाल पुष्टाहार नहीं मिलता है __क्षेत्रीय सुपरवाइजर मंजुला देवी

बहराइच l विकासखंड कैसरगंज के अंतर्गत ग्राम सभा नत्थनपुर के आंगनबाड़ी केंद्र पर क्षेत्रीय सुपरवाइजर मंजुला देवी के नेतृत्व में बाल पुष्टाहार धात्री, गर्भवती, शिशु दूध पान कराने वाली महिलाओं के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाला बाल पुष्टाहार, सरकार द्वारा जारी किए गए गाइड लाइनों को ताख पर रखकर वितरित किया गया l क्षेत्रीय सुपरवाइजर मंजुला देवी ने बताया कि यहां केंद्र पर जितने भी बच्चे पंजीकृत हैं, उतना बाल पुष्टाहार नहीं आता है l

हमें किसी भी तरीके से इसी मे इन लोगों को वितरण करना है रजिस्टर पर 92 बच्चे को पंजीकृत दिखाया गया और 54 बच्चों का बाल पुष्टाहार वितरण किया गया l जब 54 बच्चों की पैकिटों की गिनती की गई तो उस से कुछ पैकेट कम निकले, इसी तरीके से केंद्र पर बाल पुष्टाहार वितरण किया जाता है l स्थानीय कर्मचारी की मिलीभगत करके किसी न किसी तरीके से कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले राशन को भी खुद खा जा रहे हैं जब से बाल पुष्टाहार का समूह की महिलाओं के साथ आंगनबाड़ी केंद्र नत्थनपुर में वितरण शुरू हुआ, तब से आज तक गेहूं, चावल चने की दाल, दूध, घी को ऑप्शनल तौर पर वितरित किया जाता है l दूध, घी ,चने की दाल, रिफाइंड आदि के साथ में गेहूं चावल का वितरण नहीं किया जा रहा है l इस भयंकर कोरोना महामारी में उक्त वितरण केंद्र पर सैकड़ों महिलाओं को इकट्ठा का लिया गया जबकि अधिकांश महिलाएं बिना मास्क की थी और उक्त आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा साबुन सैनिटाइजरआदि कोरोना महामारी से बचाव के लिए, कोई भी उचित व्यवस्था भी नहीं की गई थी l

उपरोक्त वितरण में ,वितरित करने वाले कर्मचारियों के चहेते को दे दिया जाता है और अन्य लोग मायूस होकर के इस भयंकर कोरोना महामारी ने केंद्र से किलोमीटर दूरी पर घर वापस लौट जाते हैं l आईएमआरसी रिपोर्ट के अनुसार भारत वर्ष में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 68.2% दिखाई गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे हैं मिशन पोषण का कुछ स्थानीय का कर्मचारी इस तरीके से धज्जियां उड़ा रहे हैं की कुपोषित बच्चों को मिलने वाला पोषण खुद ही खा जा रहे हैं l

Back to top button