उत्तर प्रदेशक्राइम

बाराबंकी में वकील के बेटे का अपहरण कर हत्या, बीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था मृतक

बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में अमीर बनने के लालच में दो युवकों ने  अधिवक्ता के बेटे का अपहरण कर लिया था। अपहरणकर्ताओं ने फोन पर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। रुपए न मिलने पर हत्या कर शव को एक नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उनकी निशानदेही पर शुक्रवार सुबह शव को भी बरामद कर लिया। हत्यारोपियों में से एक मृतक का दूर का रिश्तेदार था। उसका मृतक के घर आना-जाना था।

बीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था मृतक

नगर कोतवाली क्षेत्र के फतेहाबाद कस्बा निवासी अधिवक्ता बीएल गौतम का बेटा आशुतोष गौतम उर्फ सूरज (17) सफदरगंज के एक कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। गुरुवार को कॉलेज से लौटते समय आशुतोष संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने फोन किया, लेकिन उसका फोन भी स्विच ऑफ था। चिंता होने पर परिजनों ने आशुतोष की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका।

रफीक बनकर आरोपियों ने किया फोन

बड़े भाई अनुराग के पास गुरुवार शाम 7:30 बजे आशुतोष के मोबाइल से एक कॉल आई। फोन रिसीव करने वाले युवक ने बताया कि वह रफीक बोल रहा है। उसने फिरौती के रूप में 50 लाख रुपए मांगे। कथित रफीक ने धमकी दी कि रुपए न मिलने पर वह आशुतोष की हत्या कर देगा। रात 9:30 बजे मोबाइल खुलेगा तो वह बताएगा कि रुपए लेकर कहां आना है। इसके बाद अधिवक्ता बीएल गौतम ने अपने बेटे के अपहरण और फिरौती मांगे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ने कई टीमें आशुतोष की तलाश में लगाई।

सर्विलांस टीम ने आशुतोष के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि उसका मोबाइल लखपेड़ाबाग मोहल्ले में स्विच ऑफ हुआ था। पुलिस ने छापेमारी कर बहराइच निवासी नागेंद्र और बलिया निवासी सतेंद्र को एक कमरे से पकड़ लिया। पुलिस ने इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने घटना की पूरी जानकारी दी।

सिर पर तवे से किया वार, गला दबाकर की हत्या

आरोपी नागेंद्र और सत्येंद्र ने बताया कि उन्होंने ही रफीक बनकर फोन किया था। गुरुवार शाम को सूरज उनके साथ मौजूद था। उन लोगों ने शराब पी और जबर्दस्ती आशुतोष को भी पिलाई, खाना भी खिलाया। उन दोनों ने आशुतोष से अपने पिता से कुछ रुपए मांगने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर उन्होंने तवे से आशुतोष के पीछे सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गिर पड़ा। इसके बाद दोनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। साथ ही शव को राम सेवक यादव इंटर कॉलेज के पीछे नाले में फेंक दिया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को बरामद कर लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

अमीर बनने के लालच में की हत्या

एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि वह आशुतोष का दूर का रिश्तेदार है। सत्येंद्र और नागेंद्र की काफी समय से पहचान थी। सत्येंद्र सरस्वती विहार कॉलोनी के पास किराये पर रहता था, जो आशुतोष के कॉलोनी से थोड़ी सी दूरी पर है। दोनों का एक-दूसरे के घरों में आना-जाना था। सत्येंद्र की बहन की शादी भी फतेहाबाद में हुई है। सत्येंद्र और नागेंद्र ने अमीर बनने के चक्कर में आशुतोष का अपहरण कर फिरौती मांगी और हत्या कर दी।

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