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बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया सोना, खरीदने का यही है सबसे सुनहरा मौका

सोने की कीमत (Gold price) में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी जा रही है। MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को 133 रुपये की गिरावट के साथ खुला और दिन चढ़ने के साथ इसमें और गिरावट आई। दोपहर 12 बजे यह 160 रुपये की गिरावट के साथ 49061 रुपये के भाव पर था। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना भी 154 रुपये की गिरावट के साथ 49075 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

इससे पहले गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतों में सर्राफा बाजार में गिरावट (Gold Price Fall) देखने को मिली। सोने की कीमत 369 रुपये गिरी जिसके बाद अब सोना 48,388 रुपये प्रति 10 ग्राम (Gold Price Today) के स्तर पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पहले के सत्र में सोना 48,757 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। चांदी की कीमतों में भी गिरावट (Silver Price Fall) देखने को मिली। चांदी करीब 390 रुपये गिरकर 64,534 रुपये प्रति किलो (Silver Price Today) के स्तर पर पहुंच गई। इससे पिछले सत्र में चांदी 64,924 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी।

2020 में 28 फीसदी महंगा हुआ सोना

पिछला साल सोने के लिए बहुत ही शानदार (Gold Price in 2020) साबित हुआ है। बीते साल सोने की कीमत करीब 28 फीसदी तक बढ़ी। अगस्त के महीने में तो सोने-चांदी ने एक नया रेकॉर्ड ही बना दिया था और अपना ऑल टाइम हाई का स्तर छू लिया था। ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत में ही सोने की कीमत बढ़ी। वैश्विक बाजार में भी सोना करीब 23 फीसदी महंगा हुआ। इससे पहले 2019 में भी सोने के दाम में बढ़ोतरी की दर डबल डिजिट में थी।

क्यों आ रही है सोने में गिरावट?

कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है।

इंटरनैशनल स्तर पर क्या है स्थिति

भारत में सोने की कीमत ग्लोबल ट्रेंडस से प्रभावित होती हैं। वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण ग्लोबल इकनॉमिक रिकवरी के लिए मुश्किल हो गई है। इसके अलावा दुनियाभर में कम ब्याज दरों और यूएस डॉलर में कमजोरी सोने के लिए सकारात्मक हो सकती है। अभी गोल्ड स्पॉट 1900 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। इस साल यह 1980 डॉलर और फिर 2050 डॉलर तक जा सकती है।

शेयर और रियल एस्टेट के मुकाबले सोना

रियल एस्टेट की तुलना में सोने ने काफी अधिक रिटर्न दिया है। रियल एस्टेट की कीमतों में पिछले कुछ समय से ठहराव आ गया है। होम प्राइस इंडेक्स 2020-21 की दूसरी तिमाही में 1.1 फीसदी बढ़ा जबकि उससे पिछली तिमाही में यह 2.8 फीसदी और पिछले साल की समान तिमाही में 3.3 फीसदी बढ़ा था। 2020 में गोल्ड ने सभी एसेट क्लास में सबसे अच्छा रिटर्न दिया। इसने शेयर और रियल एस्टेट से अच्छा रिटर्न दिया। पिछले साल बीएसई सेंसेक्स ने 15.75 फीसदी रिटर्न दिया।

क्या 2021 में भी बढ़ेगा सोना

दुनियाभर में प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती करके इस लगभग जीरो कर दिया है और कम से कम अगले एक साल तक ये इसी स्तर पर रहेगा। साथ ही मार्केट में लिक्विडिटी मुहैया कराने के लिए भी सेंट्रल बैंक्स आक्रामक रुख दिखा रहे हैं। इन सबका इकॉनमी पर असर होगा और इससे सोने की कीमतों में तेजी आएगी। दुनियाभर में लिक्विडिटी पुश से सोने की कीमतें बढ़ेंगी।

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