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बड़े काम का है पोर्न: रिसर्च का दावा- गंदी फिल्में देखने वाले बनते हैं बेहतर इंसान


पोर्न एक ऐसा शब्द है जो सबके दिमाग में चलता रहता है लेकिन सामाजिक तौर पर मानने को लोग तैयार नहीं हैं। भारत में सरकार द्वारा ऐसी कई वेब साइट्स है जिनको उनके अश्लिल कंटेंट के लिए भारत में बैन कर दिया गया। हांलाकि फिर भी भारत पोर्न देखने वाले देशों की सूची में ऊपर हैं। जहां एक तरफ पोर्न देखने की आलोचना की जाती है वहीँ दूसरी ओर एक रिसर्च के मुताबिक पोर्न देखने से इंसान और अधिक बेहतर बनता हैं और महिलाओं को अधिक सम्मान देता है। आइये बताते हैं क्या कहती है रिसर्च।

* महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनते हैं पुरुष 

इस रिसर्च के अनुसार ज्यादा पोर्न देखने वाले पुरुषों का नजरिया महिलाओं और उनके अधिकारों के प्रति ज्यादा सकारात्मक होता है। ऐसे पुरुष कम रुढ़िवादी होते हैं और उनका व्यवहार महिलाओं के काम करने और गर्भपात के प्रति नरम रहता है। साथ ही रिसर्च में ये भी देखा गया है कि पोर्न देखने वाले पुरुष लैंगिक तौर पर कम भेदभाव करते हैं। पोर्न देखने वाले पुरुषों की नजर में महिला व पुरुष बराबर होते हैं।

* रेप को नहीं बढ़ाता पोर्न 

भारत में अक्सर लोग पोर्न को बढ़ते रेप का कारण मानते हैं। अतुल अंजान जैसे नेताओं ने तो बॉलीवुड में करियर बनाने वाले पोर्न स्टार को ही बढ़ते हुए रेप का जिम्मेदार बता दिया था। लेकिन रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार पोर्न देखने से पुरुष महिलाओं को सिर्फ सेक्स ऑब्जेक्ट समझने की सोच से बाहर आता है और वह लैंगिक भेदभाव से उबरता है। ऐसे लोग महिला अधिकारों के प्रति पोर्न न देखने वालों की तुलना में ज्यादा सजग होते हैं और उनके हक के लिए लड़ने के मामले में भी आगे रहता है।

* नए सेक्स मूव का ज्ञान 

पोर्न से सबसे अधिक फायदा उन दंपतियों को भी हुआ है जो सेक्स में हमेशा कुछ नया ट्राई करते रहते हैं। पोर्न से ऐसे दंपतियों के जीवन में रस आता है और उनमें सेक्स को लेकर नयापन और रोमांच बना रहता है।

* वन नाइट स्टैंड का विकल्प बना पोर्न 

पोर्न का सबसे अधिक फायदा ये हुआ है कि लोग इसे वन नाइट स्टैंड का विकल्प बना रहे हैं। शहर में अकेले रहते युवा सेक्शुअली तौर पर फ्रस्टेट होने के कारण वन नाइट स्टैंड अपनाते थे। लेकिन पोर्न ने उन्हें इसका विकल्प देकर वन नाइट स्टैंड के चलन को कम करने में मदद की है। क्योंकि वन नाइट स्टैंड केवल क्षणिक सुख देता है और जीवनभर का पछतावा। ऐसे में युवाओं ने वासना के आवेश को मिटाने के लिए पोर्न की तरफ रुख करना शुरू दिया है।

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