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फर्जी है 50 करोड़ मोबाइल नंबर बंद होने की खबर, पढ़िए UIDAI की सफाई

आधार वेरिफिकेशन की बाध्यता खत्म होने के बाद देश के 50 करोड़ मोबाइल यूजर्स का नंबर बंद होने की खबरों का UIDAI ने खण्डन किया है. सिर्फ UIDAI ही नहीं साथ में टेलीकॉम विभाग ने भी साझा बयान जारी कर इन खबरों को आधारहीन बताया है. डिपार्टमेंट ऑफ Telecommunication और UIDAI ने कहा, ”मीडिया में चल रही कुछ खबरों में बताया गया है कि 50 करोड़ मोबाइल नंबर जो कि कुल मोबइल कनेक्शन के आधे हैं, वे बंद हो सकते हैं. यह खबर पूरी तरह काल्पनिक और असत्य है.”

पर्याप्त समय

सोशल मीडिया पर आई सिम बंद की खबरों के बाद टेलिकॉम सेक्रेटरी अरुणा सुंदराराजन ने मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों से इस मामले में हल निकालने की बात कही है. वहीं अधिकारियों ने इस बात का संकेत दिया है कि सरकार नए वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरी करने के लिए उपभोक्ताओं को पर्याप्त समय देगी.

आधार वैकल्पिक

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के सेक्शन 57 को रद्द करते हुए नया सिम कनेक्‍शन लेने के लिए आधार नंबर देना पूरी तरह वैकल्पिक बताया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आधार सिम कार्ड जारी करने के लिए जरूरी नहीं है और न ही मोबाइल से आधार लिंक कराना जरूरी है.

इस निर्देश के बाद UIDAI ने Bharti Airtel,Vodafone Idea और Reliance Jio जैसी कंपनियों से कहा था कि वे आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम को बंद करने और उससे बाहर निकलने का ऐक्शन प्लान पेश करें. इसी बीच ऐसी खबरें भी आई जिसमें कहा गया कि आधार वेरिफिकेशन के जरिए आॅन हुए सिम कार्ड के लिए नया पहचान पत्र न दिए जाने की स्थिति में मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट हो सकता है. लेकिन ऑथरिटी ने इस खबर को खारिज किया है.

इस मुहिम से मोबाइल नंबर हुए थे आधार से लिंक

मोबाइल सिम का फर्जीवाड़ा पकड़ने दूरसंचार मंत्रालय ने आधार से लिंक करने की मुहिम शुरू की थी. इसके बाद टेलीकॉम कंपनियों ने अपने ग्राहकों को मैसेज और कॉल के जरिए अपनी नजीदीकि रिटलेर द्वारा माबइल नंबर को आधार से लिंक करने के निर्देश दिए थे. लेकिन कुछ ही समय बाद आधार डेटा को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने आधार डेटा सिक्योरिटी को कटघरे में ला दिया था.

हाल ही में आधार कार्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आधार की वैधता को लेकर सुनवाई में कहा कि आधार को अनिवार्य करने के लिए किसी को बाध्‍य नहीं किया जा सकता. इस निर्देश के साथ ही सरकार का वह पुराना आदेश भी निरस्त हो गया, जिसमें कहा गया था कि आधार सत्‍यापन के बिना किसी को सिम जारी न किया जाए.

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