क्राइम

प्रेमिका के घर में पकड़ा गया, बदनामी के डर से भागा, तारबंदी फांद पाकिस्तान की जेल में पहुंचा

बाड़मेर : एक मशहूर शेर है, ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे, इक आग का दरिया है, और डूब के जाना है। ऐसी ही कुछ बानगी राजस्थान के बाड़मेर से सामने आई है। यहां इश्क में डूबे 20 साल के एक युवा को जब प्रेमिका के घर में घुसते हुए पकड़ा गया तो बदनामी के डर से वह ऐसा भागा कि सीमा की तारबंदी भी उसे रोक नहीं पाई। वह सीधा पाकिस्तान चला गया। अब 77 दिन बाद जाकर पता चला है कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है। यह रोचक मामला बाड़मेर के बिजराड़ थाने का है। पुलिस बीते तीन महीने से यहां के गांवों में उसकी तलाश कर रही थी। जबकि वह नवंबर में ही तारबंदी फांद कर पाकिस्तान चला गया था। इसके बाद अब बीएसएफ काे पाक रेंजर्स से सूचना मिली है कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है।

इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। सवाल यह भी है कि युवक सीमा पार होते हुए पाक चला गया और वहां सुरक्षा में तैनात बीएसएफ को भनक तक नहीं लगी। अब खुलासा यह भी हुआ है कि युवक उसकी प्रेमिका के घर में घुसा था, जहां उसे देख लिया। इसके बाद बदनामी के डर से घर के नजदीक ही बॉर्डर तारबंदी को फांद कर पाक भाग गया।

अब युवह वहां की जेल में बंद है। बिजराड़ थानाधिकारी जेठाराम ने बताया कि जामाराम मेघवाल निवासी कुम्हारों का टीबा ने 16 नवंबर को बिजराड़ थाने में केस दर्ज करवाया कि उसका लड़का गेमराराम जोधपुर में मजदूरी करता था। वह 5 नवंबर को उसके पड़ोसी के घर आया था। जहां रुकने के बाद से वह गायब है। इसकी कुछ दिनों से तलाश की जा रही थी, लेकिन सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की। पड़ोसी के घर तक युवक के आने के पुख्ता सुराग मिले, लेकिन इसके बाद कहां गायब हुआ, इसका कोई सुराग नहीं था।

6 नवंबर को ही पाक रेंजर्स ने पकड़ ​​​​​​ लिया था
दरअसल गेमराराम मेघवाल का अपने पड़ोस की एक युवती से प्रेम संबंध था। लॉकडाउन से पहले वह पढ़ाई करता था, लेकिन लॉकडाउन के बाद उसे जोधपुर काम पर भेज दिया गया। मजदूरी के बाद 5 नवंबर को जब वह बिजराड़ आया, तो अपने घर जाने के बजाय सीधे लड़की के घर चला गया। अफेयर के चक्कर में घर में घुसने पर लड़की के परिजनों ने उसे देख लिया था। इसके बाद वह वहां से भाग गया। गेमराराम को डर था कि अब ये बात उसके परिजनों तक पहुंच जाएगी। बदनामी व मारपीट के डर से वह 5 नवंबर की रात में ही तारबंदी फांद कर पाक चला गया। जहां उसे 6 नवंबर को ही पाक रेंजर्स ने पकड़ लिया। इसके बाद वह वहां जेल में है।

10 दिन बाद पता चल गया, लेकिन पाक ने सुपुर्द नहीं किया
5 नवंबर को गेमराराम के पाक भागने के 7 दिन बाद 12 नवंबर को भारत-पाक बॉर्डर की तारबंदी से पाकिस्तान की 84 बकरियां और 8 भेड़ें भारत में आई थी। इसके बाद भारत-पाक रेंजर्स के बीच वार्ता हुई। इस वार्ता में पाक रेंजर्स ने बताया था कि भारत से गेमराराम नाम का युवक पाक में आया है, फिलहाल पाक की सुरक्षा एजेंसियों के पास है।

इस वार्ता के बाद पाक की मांग पर 19 नवंबर को 92 भेड़-बकरियों को पाक रेंजर्स को सुपुर्द कर दिया। लेकिन इस दौरान पाक ने युवक को वापस सुपुर्द नहीं किया था। अब पाक रेंजर्स का कहना है कि युवक को सुपुर्द करने का फैसला पाक आलाकमान की ओर से ही किया जाएगा, फिलहाल वह जेल में बंद है। दरअसल इनकी ढाणियां बॉर्डर तारबंदी के आसपास ही है।

Back to top button