उत्तर प्रदेश

प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले से प्रभावित अभ्यर्थियों ने भरी हुंकार

पीपीई किट पहन कर करेंगे प्रदर्शन
प्रयागराज। ) उत्तर प्रदेश में आयोजित 69000 सीटों के सापेक्ष भर्ती परीक्षा में आरक्षण घोटाला सामने आया है जिसमें पिछड़े और दलित अभ्यर्थियों के लगभग 6000 पदों पर घोटाला हुआ है।

2019 में आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में कई लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे जिसमें से लगभग 1 लाख 40000 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। एमआरसी के नाम पर पिछड़े तथा दलित वर्ग के अभ्यर्थियों की लगभग 6000 सीटों को सामान्य वर्ग से भर दिया गया, पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग नई दिल्ली पहुँचे। लगभग 1 साल चली सुनवाई के बाद राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने यह माना कि पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ बहुत ही नाइंसाफी हुई है और आयोग ने कड़ी फटकार लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ आदेश जारी किया और जवाब मांगा।

प्रदेश सरकार की तरफ से अभी तक कोई भी जवाब आयोग को नहीं दिया गया है, हालांकि बेसिक शिक्षा परिषद के सभी अधिकारी आयोग में यह कहते आ रहे हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के साथ किसी भी प्रकार की कोई छेड़खानी नहीं की गई है। याचियों के द्वारा आयोग को सौंपे गए सभी दस्तावेजों में यह घोटाला उजागर हुआ उक्त घोटाले को लेकर इधर बीच कई दिनों से प्रदेश में उथल-पुथल मचा हुआ है जिसमें बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी साफ-साफ फंसते नजर आ रहे हैं।

इसी घोटाले को लेकर आज पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों ने   सोमवार को आॅनलाइन मीटिंग का आयोजन किया जिसमें आरक्षण को लेकर कई सारे मुद्दे रखे गए तथा आगे की रणनीति तय की गई।

बैठक में अमरेंद्र बाहुबली, शोभित सिंह, मनोज प्रजापति, सुनीता दक्ष ललित, तूफान यादव, गौरव आदि मौजूद रहे। अभ्यर्थियों ने बताया कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार जल्द से जल्द इस आरक्षण घोटाले की जांच करा कर वंचित रह गए पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में नियुक्ति नहीं देती है तो प्रभावित वर्ग के अभ्यर्थी कई तरह के अभियान जैसे ट्विटर तथा आॅनलाइन सभी माध्यमों से आवाज उठाएंगे और कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए पीपीई किट पहन कर शिक्षा मंत्री आवास और सचिवालय पर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।

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