उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में ब्लैक फंगस का कहर : एक और संक्रमित की हुई सर्जरी, अब तक 5 सफल ऑपरेशन

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में गुरुवार को एक और ब्लैक फंगस के मरीज की सर्जरी की गई। उसके दिमाग के पिछले भाग में इन्फेक्शन फैल गया था। इसके चलते विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमों ने मैक्जीलेक्टमी विधि से ओपन सर्जरी की। अभी तक पांच मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। इनमें से सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज में कोरोना के पोस्ट कोविड इफेक्ट वाले 10 मरीज भर्ती हैं। इन सभी में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। सभी का इलाज चल रहा है। बीते 25 मई को भी दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। इस सर्जरी में करीब छह घंटे लगे थे।

सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया डेड टिश्यू
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में विशेषज्ञों ने तीसरी बार ब्लैक फंगस संक्रमितों का ऑपरेशन किया है। बीते बुधवार को जिस शख्स का ऑपरेशन किया गया, उसके दिमाग के पिछले हिस्से में ब्लैक फंगस ने असर किया था। उसे दिमाग को प्रभावित करने वाले उन डेड टिश्यू को सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया गया है। उसे सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।

सर्जरी सफल, अब दवाओं के मैनेजमेंट से मरीजों का इलाज
नाक-कान व गला रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि सर्जरी सफल रही। अभी सभी मरीजों की हालत समान्य है। हमने सर्जरी से उन खराब सेल्स को निकाल दिया है। अब दवाओं के मैनेजमेंट से मरीजों का इलाज चलेगा। ऑपरेशन के दौरान ईएनटी विशेषज्ञों के साथ ही न्यूरो, आईए प्लास्टिक सर्जन, एनेस्थिस्ट भी मौजूद रहे।

महिला के नाक से गले तक पहुंच गया ब्लैक फंगस
डॉ. सचिन जैन ने बताया कि ब्लैक फंगस पीड़ित एक महिला के नाक के साथ ही उसके गले तक भी फंगस का संक्रमण पहुंच गया था। यही नहीं उसके अन्य अंगों में भी ब्लैक फंगस का फैलाव दिख रहा था। यही कारण है कि मैक्जीलेक्टमी विधि से उसका ऑपरेशन किया गया। अब मरीज तेजी से संक्रमण मुक्त होंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले की गई सर्जरी भी दूरबीन विधि से की गई थी। जिन चार अन्य मरीजों की सर्जरी हुई है उनमें संक्रमण अब 60 फीसद कम हो गया है।

सर्जरी के दौरान प्राचार्य ने भी बढ़ाया उत्साह
ब्लैक फंगस संक्रमितों की सर्जरी के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा विशेषज्ञों के रूप में सह कोविड प्रभारी डॉ. सुजीत सिंह भी मौजूद रहे। सर्जरी टीम की अगुवाई डॉ. सचिन जैन ने किया। सर्जरी टीम में डॉ. एनएन गोपाल, डॉ. राम सिया सिंह, डॉ. जागृति, डॉ. जीतेंद्र शुक्ला, डॉ. अमन ओहरी आदि भी मौजूद रहे।

ज्यादा भाप न लें, घट जाती है नोजल इम्युनिटी
डॉ. सचिन जैन ने बताया कि कई मरीज कोरोना के डर के कारण सुबह से शाम तक 10-20 बार भाप लेते रहते हैं। इससे बचना चाहिए। इससे नोजल इम्युनिटी घट जाती है और आप ठीक होने की बजाया अधिक बीमार हो जाते हैं। भाप एक से दो बार ही लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस से आम मरीज को घबराने की जरूरत नहीं हैं। ब्लैक फंगस ज्यादातर पोस्ट कोविड पेशेंट्स को हो रहा है। ऐस मरीज जिन्होंने प्रॉपर डॉक्टर की देखरेख में दवाइयां नहीं लीं। बिना चिकित्सकीय सलाह के ज्यादा स्टेरायड का प्रयोग कर लिया। अभी इन सभी बिंदुओं पर रिसर्च चल रही है।

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