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पुलवामा अटैक: RDX का नहीं हुआ इस्तेमाल, इस देसी विस्फोटक से ली गईं 40 जवानों की जान

पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मामले की जांच में जुटी केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार जवानों के काफिले को निशाना बनाने में RDX नहीं बल्कि यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग किया गया था। यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का यूज कश्मीर में पत्थर की खदानों में किया जाता है। गौरतलब है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने गुरुवार को CRPF के काफिले को निशाना बनाया था। इस फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

हैरत में हैं जांच एजेंसियां
इतने बड़े आतंकी हमले में यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाना सुरक्षा के लिहाज से काफी गंभीर माना जा रहा है। मामले की जांच के शुरुआती दौर में कहा जा रहा था कि इस भयानक हमले में आतंकियों ने RDX का इस्तेमाल किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि कश्मीर मे यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग काफी गंभीर विषय है। क्योंकि यह आसानी से उपलब्ध होने वाली विस्फोटक सामग्री है। इस पदार्थ को आतंकी आदिल अहमद डार ने एक से ज्यादा जगहों से इकट्ठा किया था।

क्या है यूरिया अमोनियम नाइट्रेट
यूरिया अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग कश्मीर में पत्थर की खदानों में किया जाता है। इसके आकार प्रकार की बात करें तो यूरिया अमोनियम नाइट्रेट सफेद रंग का काफी ठोस पदार्थ होता है। इसका उपयोग कृषी संबंधित कामों में भी होता है। इस पदार्थ से खाद भी बनाया जाता है।

पूरे भारत में उठ रही है बदला लेने की मांग
40 जवानों की शहादत के बाद पूरा भारत आक्रोशित है। देश के कोने कोने से सबक सिखाने और बदला लेने की मांग उठ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को अपनी तरह से एक्शन देने की खुली छूट दे दी है। मोदी ने कहा कि आतंकियों को अपनी इस हरकत की बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी।

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