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पुरानी साथी की बीजेपी पर एयर स्ट्राइक, सरकार से पूछे वही सवाल जो विपक्ष रहा है दाग

बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन लॉक होने के बाद पहली बार शिवसेना के सुर बदले हैं. शिवसेना के मुताबिक एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकवादियों की संख्या जानने का लोगों को हक है. शिवसेना का मानना है कि मारे गये आतंकवादियों की संख्या जानने से सेना का मनोबल कम नहीं होगा.

शिवसेना ने अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी पर तंज कसते हुये अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि “हवाई हमले पर चर्चा आगामी लोकसभा चुनाव तक चलती रहेगी और 14 फरवरी के पुलवामा हमले से पहले विपक्ष की ओर से उठाये गये अहम मुद्दे अब पीछे छूट गये हैं. शिवसेना ने कहा कि देश के लोगों को ये जानने का पूरा हक है कि इंडियन एयरफोर्स ने दुश्मन का कितना और किस तरह का नुकसान पहुंचाया है.

पार्टी का मानना है कि एयर स्ट्राइक की जानकारी शेयर करने से सेना का मनोबल कम नहीं होगा. जाहिर है, इंडियन एयरफोर्स के विमानों ने 26 फरवरी को पाकिस्तान में जैश के आतंकी कैंपों पर बम गिराये थे. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ पर हुये हमले के जवाब में ये सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी. मालूम हो कि पुलवामा में हुये इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुये थे.

शिवसेना के सवाल इसलिये भी अहम है, क्योंकि सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक-2 में मारे गये आतंकवादियों का आधिकारिक आंकड़ा अभी तक नहीं दिया है. मगर कुछ विपक्षी पार्टियां लगातार इसके सबूत मांग रही हैं. शिवसेना ने पूछा है कि पुलवामा हमले में इस्तेमाल हुआ 300 किलो विस्फोटक आया कहां से? आतंकवादी शिविरों पर किये गये आतंकी हमलों में कितने आतंकवादी मारे गये.
 
एनडीए की अहम घटक शिवसेना का कहना है कि इन सवालों पर चर्चा चुनाव के अंतिम दिनों तक होती रहेगी, क्योंकि पुलवामा हमले से पहले महंगाई, बेरोजगारी और राफेल विमान सौदा विपक्ष के लिये ज्वलंत मुद्दे थे. पार्टी ने तंज कसते हुये कहा है कि इन मुद्दों पर मोदी सरकार का बम गिर गया है.
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