ख़बरराजनीति

पीएम मोदी की ब्रिगेड परेड से हुंकार, कहा-जो भी बंगाल से छीना गया है, उसे वापस लौटाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चुनाव प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में एक मेगा रैली को संबोधित किया। अपने 68 मिनट के भाषण में उन्होंने ममता सरकार, वामपंथी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ”कुछ दिन पहले जब आपने स्कूटी संभाली, तो सब लोग प्रार्थना करते थे कि आप सकुशल रहें, आपको चोट न लग जाए। अच्छा हुआ आप गिरी नहीं, नहीं तो जिस राज्य में वो स्कूटी बनी है, उस राज्य को ही अपना दुश्मन बना लेतीं। आपकी स्कूटी भवानीपुर जाने के बाद नंदीग्राम मुड़ गई। हम नहीं चाहते कि किसी को चोट आए, लेकिन जब स्कूटी ने नंदीग्राम में गिरना तय किया तो हम क्या करें।”

उन्होंने कहा, ”बंगाल में डर और भय के पुराने दिन 2 मई से आगे नहीं चलने वाले हैं। लोकतंत्र सर्वोपरि है। हर वोटर से कहूंगा कि लोकसभा चुनाव में आपका मंत्र था- चुपचाप कमल छाप। इस बार आपको जोर से छाप, TMC साफ के इरादे से आगे बढ़ना है। ब्रिगेड मैदान फिर से बंगाल में लोकतंत्र स्थापित करने जा रहा है और आप उसके साक्षी बनेंगे।’

मोदी के भाषण की अहम बातें
माहौल से लग रहा कि आज 2 मई है

आज ब्रिगेड ग्राउंड में आप लोगों की ये हुंकार सुनने के बाद किसी को कोई संदेह नहीं रह जाएगा। शायद कुछ लोगों को लगता होगा कि आज 2 मई है। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए। भारत माता की जय।

ब्रिगेड ग्राउंड का इतिहास काफी पुराना
बीते दशकों में ब्रिगेड ग्राउंड में अनेकों बार नारा गूंजा है कि ब्रिगेड चलो। इस ग्राउंड ने अनेक देश भक्तों को देखा है। ये ग्राउंड बंगाल के विकास में रोड़ा अटकाने वालों का भी गवाह रहा है। बंगाल की भूमि को 24 घंटे हड़ताल और बंद में झोंक देने वालों की नीतियां और साजिशें भी इस ग्राउंड ने देखी हैं।

बंगाल की जनता का भरोसा दीदी ने तोड़ा
इन लोगों ने बंगाल की महान भूमि का जो हाल किया, वो पीढ़ी दर पीढ़ी बंगाल के लोगों ने सहा और बर्दाश्त किया है। ये बंगाल के लोगों की महानता है, इच्छाशक्ति है कि उन्होंने बंगाल में परिवर्तन की उम्मीदों को कभी छोड़ा नहीं है। परिवर्तन के लिए ममता दीदी पर भरोसा किया था, लेकिन दीदी और उनके काडर ने आपका भरोसा तोड़ दिया, आपके सपनों को चूर-चूर कर दिया।

बंगाल की धरती ने भारत का गौरव बढ़ाया
बंगाल की इस धरती ने हमारे आजादी के आंदोलन में नए प्राण फूंके और भारत का गौरव बढ़ाया। बंगाल से निकले महान व्यक्तित्वों ने एक भारत की भावना को सशक्त किया। इस धरती ने एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के लिए बलिदान होने वाले सपूत दिए हैं। इस ग्राउंड के आसपास स्वामी विवेकानंदजी, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मस्थान है।

बंगाल सोनार बांग्ला चाहता है
इन लोगों ने बंगाल की भूमि और उनकी बहन-बेटियों को अपमानित किया। ये बंगाल की उम्मीद को नहीं तोड़ पाए। ये जनसागर इस उम्मीद और उस हौसले की जीती-जागती तस्वीर है। बंगाल उन्नति, शांति, प्रगति और सोनार बांग्ला चाहता है। मैं देख रहा हूं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ TMC है, कांग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है। दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर के खड़ी हो गई है।

बंगाल में परिवर्तन का विश्वास दिलाने आया हूं
भारत माता के आशीर्वाद से सोनार बांग्ला का संकल्प जरूर सिद्ध होकर रहेगा। यहां आया हर आदमी, माताएं-बहनें-बेटियां, बंगाल का युवा आज बंगाल में असली बदलाव के लिए आया है यानी आसोल परिवर्तन। मैं इस ब्रिगेड ग्राउंड से आपको ही आशोल परिवर्तन का विश्वास दिलाने आया हूं। विश्वास बंगाल के विकास का, विश्वास बंगाल में स्थितियों को बदलने का, विश्वास बंगाल में निवेश बढ़ाने का, विश्वास बंगाल के पुनर्निर्माण का, बंगाल की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का।

हमारी सरकार में बंगाल के लोगों का हित सर्वोपरि होगा
मैं विश्वास दिलाने आया हूं कि आपके लिए, नौजवानों-किसानों-उद्यमियों-बहनों और बेटियों के लिए हम 24 घंटे दिन-रात मेहनत से काम करेंगे। हम मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखेंगे। हम पल-पल आपके लिए जिएंगे, हम पल-पल आपके सपनों के लिए जिएंगे। आपकी सेवा करेंगे, आपका आशीर्वाद लेंगे, आपका दिल सिर्फ चुनाव में नहीं हर पल जीतते रहेंगे। अपने काम, सेवा, समर्पण, परिश्रम के द्वारा हम ये करेंगे। भाजपा की जो सरकार बनेगी, उसकी नीतियों और निर्णयों में बंगाल के लोगों का हित सर्वोपरि होगा।

किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा
आसोल परिवर्तन का मतलब युवाओं को शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर, लोगों को पलायन को मजबूर न होना पड़े, व्यापार और कारोबार फले-फूले, ज्यादा से ज्यादा निवेश आए, 21वीं सदी का आधुनिका इन्फ्रास्ट्रक्चर हो, गरीब से गरीब को भी आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिले, हर क्षेत्र, हर वर्ग की विकास में बराबर की भागीदारी हो। उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल सभी पर बराबर ध्यान दिया जाएगा। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास शासन का मंत्र होगा। उन्नयन सबका होगा, तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा। घुसपैठ और घुसपैठियों को रोका जाएगा। गुलामी का इतना बड़ा कालखंड भी बंगाल के सामर्थ्य को कम नहीं कर सकता था। आजादी के 75 सालों में बंगाल ने जो खोया है, जो छीना गया है, वो मुझसे ज्यादा आप अच्छी तरह जानते हैं।

जो भी बंगाल से छीना गया है, उसे वापस लौटाएंगे
आज हम इस संकल्प के साथ सामने आए हैं। लिख लीजिए मेरे शब्द कि जो भी बंगाल से छीना गया है, उसे वापस लौटाएंगे। आज जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष में प्रवेश कर रहा है, तो बंगाल एक नई ऊर्जा, एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। देश की तरह ही बंगाल के विकास के लिए भी अगले 25 साल अहम हैं। इन 25 सालों के परिवर्तन का पहला पड़ाव ये विधानसभा चुनाव हैं। अगले 5 साल में बंगाल का विकास अगले 25 साल में विकास का आधार बनाएगा।

आजादी के 100वें साल में बंगाल देश का नेतृत्व करेगा
इस बार आप सिर्फ बंगाल में सरकार बनाने के लिए वोट नहीं देंगे, बंगाल को बनाने के लिए, बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए वोट देंगे। 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब बंगाल पूरे हिंदुस्तान को आगे ले जाने वाला राज्य बन जाएगा। बोट से लेकर स्पोर्ट्स, टी से लेकर टूरिज्म तक, माछ से लेकर भात तक वो सबकुछ है बंगाल में, जो जीवन को बेहतर बना सके। बस साफ नीयत के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

विकास के डबल इंजन से सारी अड़चनें दूर होंगी
कोलकाता सिटी ऑफ जॉय है। समृद्ध अतीत है और भविष्य की संभावनाएं भी। इसे सिटी ऑफ फ्यूचर न बनाया सके, ऐसा कोई कारण नहीं है। देश के टॉप शहरों की लिस्ट निकली है और हर बंगाली की इच्छा है कि कोलकाता भी इस लिस्ट में टॉप पर हो। नए उद्योग, कनेक्टिविटी, टेक्नोलॉजी का विस्तार, स्टार्टअप के लिए महौल बनाने के लिए हम कमिटमेंट के साथ काम करेंगे। जब कोलकाता में विकास का डबल इंजन लग जाएगा तो रोड़े और अड़चनें खत्म हो जाएंगी।

सरकारी सिस्टम पर जनता का भरोसा वापस लाएंगे
आसोल परिवर्तन के लिए गांव और शहरों के ग्राम पंचायत, नगर निगम के शासन में पारदर्शिता जरूरी है। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को जिस तरह से तहस-नहस किया गया है, वो आप जानते हैं। इस व्यवस्था को भाजपा मजबूत करेगी। सरकारी सिस्टम, पुलिस पर जनता का विश्वास जागे, हम वो परिवर्तन लाएंगे। एग्जाम से लेकर ट्रेनिंग और रिक्रूटमेंट तक पारदर्शी व्यवस्था लाएंगे। स्किल डेवलपमेंट, नई शिक्षा नीति पर बल देंगे। इंजीनियरिंग, डॉक्टर की पढ़ाई बांग्ला भाषा में भी हो, इस पर ध्यान दिया जाएगा।

बंगाल के लोगों के साथ बार-बार छल किया गया
बंगाल में सत्ता परिवर्तन लक्ष्य नहीं है। बंगाल की राजनीति को विकास केंद्रित राजनीति की ओर ले जाना चाहते हैं। बंगाल को बंगाल होने से कोई नहीं रोक पाएगा। हम आसोल परिवर्तन की मांग इसीलिए कर रहे हैं। आसोल परिवर्तन के इस महायज्ञ में बंगाल के लोगों को याद रखना है कि उनके साथ किस तरह बार-बार छल किया गया है। इसे भूलना मत। आजादी के नारे पर कांग्रेस सत्ता में आई थी। आजादी के बाद कुछ समय काम हुआ, लेकिन फिर बंगाल पर वोट बैंक की राजनीति हावी होती गई।

जिसे कोसकर सत्ता में आए, अब उसी से हाथ मिला लिया
इस राजनीति को वामपंथियों ने बढ़ाया और नारा दिया- कांग्रेस का हाथ काला है, उसे तोड़ दो और काटकर फेंक दो। ऐसे ही नारों पर वामपंथी सत्ता में आए और 3 दशकों तक सत्ता संभाली। पूछना चाहता हूं कि आज उस काले हाथ का क्या हुआ रे। ये काला हाथ कैसे गोरा हो गया रे। जिस हाथ को वामपंथी तब काला समझते थे, वो आज सफेद कैसे हो गया। जिस हाथ को तोड़ने की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेते हुए चल रहे हैं।

पिछले 10 साल में TMC ने यहां कुछ नहीं किया
वामपंथियों के विरुद्ध ममता दीदी ने परिवर्तन का नारा दिया था। बंगाल से मां-माटी-मानुष के लिए काम करने का वादा किया था। आप बताइए पिछले 10 साल से यहां की TMC सरकार ने क्या सामान्य बंगाली परिवार के जीवन में वो परिवर्तन लाया है। वो वादा पूरा किया, जो आपसे किया गया था। क्या किसान, श्रमिक, कर्मचारी के जीवन में वो बदलाव आया। क्या गरीब के जीवन में परिवर्तन आया है। दशकों से चली आ रही खून-खराबे की राजनीति में परिवर्तन आया है क्या।

मां-माटी-मानुष की हालत सबके सामने
आज बंगाल में मां-माटी-मानुष की क्या स्थिति है, ये आप भलीभांति जानते हैं। मां पर गली-गली में हमले होते हैं। घर में घुसकर मां पर हमले होते हैं। हाल में 80 साल की बूढ़ी मां के साथ हुआ है, जो निर्ममता दिखाई गई, उसने इन लोगों का क्रूर चेहरा पूरे भारत को दिखा दिया है। बीते 10 साल में बंगाल की शायद ही कोई मां है, बेटी है, जो किसी न किसी अत्याचार के कारण रोई नहीं है। कोई सवाल न उठा सके इसलिए ये आंकड़े भी छिपाकर बैठ गए हैं।

बंगाल का कण-कण सिंडिकेट के हवाले किया गया
माटी की बात करने वालों ने बंगाल का कण-कण, तिनका-तिनका बिचौलियों, कालाबाजारियों और सिंडिकेट के हवाले कर दिया। बंगाल का मानुष अपनी आंखों के सामने अपनों का खून बहता देखता है। अपनों को अपनी आंखों के सामने लुटते हुए देखता है। इलाज के अभाव में दम तोड़ते देखता है, पलायन करते देखता है।

बंगाल ने एक स्वर में आवाज उठाई
पूरा बंगाल एक स्वर में बोल रहा है- अब अन्याय नहीं सहेंगे। भ्रष्टाचार अब नहीं, अब नहीं। तोलाबाजी अब नहीं-अब नहीं। कटमनी अब नहीं-अब नहीं। सिंडिकेट अब नहीं-अब नहीं। बेरोजगारी अब नहीं-अब नहीं। हिंसा अब नहीं-अब नहीं। आतंक अब नहीं-अब नहीं। तुष्टिकरण अब नहीं-अब नहीं। अन्याय अब नहीं-अब नहीं।

बुआ-भतीजावाद पर भी कसा तंज
आज बंगाल के नौजवान, यहां के बेटे-बेटियां आपसे एक ही सवाल पूछ रही है- उन्होंने आपको दीदी की भूमिका में चुना था, लेकिन आपने खुद को एक ही भतीजे की बुआ तक सीमित क्यों कर दिया। आपने एक ही भतीजे की बुआ होने के मोह को क्यों चुना। बंगाल के लाखों भतीजे-भतीजियों की आशओं के बजाय अपने भतीजे की आशाओं को पूरा करने में क्यों लग गईं। आप भी भाई-भतीजावाद के उन कांग्रेसी सरकारों को नहीं छोड़ पाईं, जिनके लिए आपने बगावत की थी।

बंगाल की धरती को प्रणाम करने आया हूं
ये संयोग है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले मैं बंगाल की धरती को प्रणाम करने आया हूं। ये धरती मातंगनी हाजरा, रानी रासमणि, सरदारदेवी चौधरानी, कामिनी रॉय जैसी बेटियां भारत को दे चुकी है। मेरा सौभाग्य है कि बीते 6 साल में हमारी हर योजना के केंद्र में बहनें-बेटियां और माताएं रही हैं। गरीब को अपना पक्का घर भी मालकिन के नाम से मिल रहा है। शौचालय बने, इज्जत घर बने तो बहन-बेटियों को ही सम्मान मिला।

मैं गरीबों का दोस्त, उनके लिए ही काम करता हूं
बंगाल सरकार गरीबों की गुनहगार है कि नहीं। उसे सजा मिलनी चाहिए कि नहीं। कितनी ही योजनाओं को राज्य की तिजोरी में रख दिया गया है। दीदी ठानकर बैठ गई हैं कि न काम करेंगे न करने देंगे। ऐसी सरकार को हटाएंगे? साथियो! भाजपा सिर्फ घोषणाओं पर नहीं, उन पर तेजी से अमल करने पर विश्वास करती है। आजकल विरोधी भी कहते हैं कि मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं। हमें कहा जाता है कि मोदी अपने दोस्तों के लिए काम करता है। हम सब जानते हैं कि बचपन में हम जहां पले-बढ़े होते हैं, जिनके बीच में खेले होते हैं, पढ़े होते हैं, वो हमारे पक्के दोस्त होते हैं।

गरीबों का दुख-दर्द जानने के लिए किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं
मैं भी गरीबी में पला-बढ़ा और इसलिए उनका दुख-दर्द क्या है, जानता हूं और अनुभव कर सकता हूं। मुझे इसके लिए किताब नहीं पढ़नी पड़ती, वीडियो नहीं देखना पड़ता, तस्वीर नहीं देखनी पड़ी, क्योंकि मुझे इनका अनुभव है। मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं और उन्हीं के लिए काम करूंगा। मैं बंगाल के अपने दोस्तों के लिए काम कर रहा हूं। मैंने दोस्तों को 90 लाख गैस कनेक्शन दिए हैं, 7 लाख से अधिक दोस्तों को बिजली दी है, 60 लाख से ज्यादा शौचालय और इज्जतघर दोस्तों के लिए बनवाए हैं, 25 लाख से ज्यादा कच्चे घर दोस्तों को दिए हैं।

सरकार के काम में रोड़े अटकाए जा रहे
मेरे गरीब दोस्त कोरोना में ज्यादा परेशान हो रहे थे। मैंने अपने हर दोस्त को मुफ्त में राशन दिया, गैस दी, करोड़ों रुपए बैंक खातों में जमा करवाए, दुनिया में कोरोना वैक्सीन महंगी है, लेकिन मैंने सरकारी अस्पताल में मुफ्त टीकाकरण का प्रबंध कर दिया। कौन है मेरे दोस्त। आप ही मेरे दोस्त हैं। 130 करोड़ हिंदुस्तानी, पुरुषार्थ करने वाला युवा, गरीब की झोपड़ी में पैदा हुआ बच्चा मेरे दोस्त हैं। दोस्त जब दोस्ती का कर्ज निभाते हैं तो इन लोगों को दिक्कत होने लगती है कि ये तो हमारे कब्जे में थे, ये कौन नया दोस्त आ गया।

बंगाल के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहता हूं
जब मोदी अपने करोड़ों दोस्तों की सेवा करता है, तो ये इसमें भी रोड़े अटकाने का काम करते हैं। आज इन लोगों से कहता हूं कि कान खोलकर सुन लीजिए- मैं बंगाल के अपने दोस्तों के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहता हूं। बंगाल सरकार रोक रही है, लेकिन मैं बंगाल के लाखों किसान दोस्तों के खातों में हजारों करोड़ रुपए सीधे खड़ा करना चाहता हूं। बंगाल के गरीब दोस्तों को आयुष्मान योजना के तहत कहीं पर भी 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देना चाहता हूं। अब मेरे सभी दोस्त बताएं कि दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी।

घोटाले करके बंगाल के गरीबों को लूटा गया
आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार खेला होबे। ये लोग अनुभवी खिलाड़ी है, खूब खेलना जानते हैं, खूब खेला भी है। कौन सा खेल बाकी छोड़ा है। कितने ही घोटाले करके बंगाल के गरीबों को लूटा गया है। बंगाल की संपदा को लूटा गया है। क्या बाकी छोड़ा है। यहां तो अम्फान पीड़ितों के लिए भेजी गई राहत भी लूट ली गई। तोलाबाजी, सिंडीकेट, कमीशनकट, आपने इतने घोटाले किए हैं कि करप्शन ओलिंपिक्स का खेल हो जाए।

दीदी ने राज्य को कर्जे में डुबो दिया
आपने लोगों की मेहनत की कमाई से, लोगों की जिंदगियों से खेला है। चाय बागानों को ताला लगा दिया, राज्य को कर्जे में डुबो दिया, युवाओं से नौकरी और वेतन भी छीन लिया। भर्तियों में छोटी-छोटी लिस्ट रिलीज होती है, उससे पहले किसी के घर में फाइल जाती है, किसी के घर में मंजूरी ली जाती है, कौन से खास लोगों का चयन होता है, ये सारा बंगाल जानता है। अब ये नहीं चलेगा, अब ये खेल नहीं चलेगा।

दीदी की पार्टी के फैलाए कीचड़ में कमल खिल रहा
दीदी ये आवाज सुनिए, ये शंखनाद सुनिए। अब हर तरफ से एक ही आवाज है। TMC का खेला शेष, खेला खत्म। मेरा आग्रह है आप सभी से कि डरना मत और बिना डरे भाजपा को वोट करिएगा। बांग्ला को भयमुक्त करिए, वोट करिए। शास्त्रों में कहा गया है कि जब कोई असफलता, डर और खीज में गुस्सा करता है तो उसका विचलन और ज्यादा बढ़ जाता है। कन्फ्यूजन में इंसान गलती करता है, बुरा सोचता है और अपना ही सबकुछ गंवा देता है।

मेरे बारे में कैसे-कैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया
मेरे लिए क्या-क्या कहा गया। रावण, दावन, दैत्य तो कभी गुंडा कहते हैं मुझे। दीदी इतना गुस्सा क्यों है? कहां-कहां गाली दोगे, इतना गुस्सा क्यों दीदी? अगर बंगाल में कमल खिल रहा है तो उसका कारण वही कीचड़ है, जो आपकी पार्टी ने यहां फैलाया। आपने बंगाल में भेदभाव किया, लोकतंत्र के नाम पर लूटतंत्र को बढ़ावा दिया, गरीब को हक से वंचित रखा इसलिए बंगाल में कमल खिल रहा है।

दीदी पर अब अपना बस नहीं
दीदी को मैं बरसों से जानता हूं। ये वो दीदी नहीं है, जिन्होंने वामपंथ के विरुद्ध आवाज उठाई थी। दीदी पर अब अपना बस नहीं, उनका रिमोट कंट्रोल कहीं और है। इसलिए बंगाल की मूल सोच के विरुद्ध बातें कर रही हैं। भाजपा को बाहरी बोलने वालों से पूछिए कि जिस कांग्रेस का नाम ले रहे हो उसकी स्थापना किसने की थी। जिस वाम ने इतने वर्षों तक बंगाल पर राज किया, उनकी विचारधारा मार्स, लेनिन और माओ पर है, वो बाहरी हैं या कोई और।

तृणमूल के लोगों का मू्ल गोत्र भी कांग्रेस
तृणमूल के लोगों का मू्ल गोत्र भी कांग्रेस है। भाजपा के मूल में ही बंगाली चिंतन है। भाजपा वो पार्टी है, जिसकी स्थापना की प्रेरणा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की है। भाजपा में बंगाल के विचारों-संस्कारों-परंपरा की महक है। भाजपा के डीएनए में बंगाल है। भाजपा पर बंगाल का अधिकार है, जिस पर बंगाल का कर्ज है। भाजपा बंगाल की माटी का तिलक लगाकर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाना चाहती है।

बंगाल में डर और भय के पुराने दिन अब और नहीं
कमल के फूल में बंगाल की मिट्टी की खुशबू है इसीलिए कहा जा रहा है कि लोकसभा में TMC हार और इस बार पूरी सरकार। आपका तप, त्याग और बलिदान भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता है। मैं आज उस तप-त्याग-तपस्या को आदरपूर्वक नमन करता हूं। बंगाल के साथ जो हुआ, कार्यकर्ता के साथ जो हुआ, वो कोई नहीं भूल सकता। ऐसे हर किसी को न्याय दिलाने के लिए हम दृढ़प्रतिज्ञ हैं।

Back to top button