देश

पशुबलि का वीडियो वायरल: तलवार से बकरे की बलि देना थाना प्रभारी को पड़ा भारी, एसपी ने किया सस्पेंड

कोटा।
प्रदेश के कोटा जिले से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने सनसनी मचा रखी है। इस वीडियो में कोटा जिले के ग्रामीण पुलिस थाना देवली माझी के थाना प्रभारी भंवर सिंह तलवार से बकरे की बलि दे रहा है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गुप्त वीडियो 23 फरवरी को ट्विटर के जरिए वायरल हुआ था। साथ ही इसे पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों को इसे टैग किया गया था। इस वीडियो से पुलिस की छवि दागदार होने के बाद कोटा जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने मामले की गंभीरता लिया है। साथ ही थाना प्रभारी भंवर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

एसपी ने किया थाना प्रभारी को सस्पेंड
मिली जानकारी के अनुसार वीडियो के वायरल होने के बाद सांगोद पुलिस उपाधीक्षक से वीडियो की जांच करवाई थी। इसके बाद प्राथमिक जांच रिपोर्ट में वीडियो में तलवार से बकरे की बलि देते हुए जो शख्स नजर आया उसे थाना प्रभारी देवली माझी भंवर सिंह प्रथम दृष्टया माना गया। इसके बाद कोटा जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने भंवर सिंह को सस्पेंड कर दिया । भवंर सिंह को कोटा जिला ग्रामीण पुलिस लाइन में अटैच किया है। साथ ही थाना प्रभारी भंवर सिंह के खिलाफ पुलिस अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।

बारां एसपी को भी लिखा गया पत्र
वीडियो के संबंध में जानकारी मिली है कि ये राजस्थान के बारां जिले के थाना कस्बाथाना का है, यहां ये पशु बलि दी गई थी। पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी के मुताबिक प्राथमिक जांच में वायरल वीडियो की घटना बारां जिले के कस्बा थाना इलाके की पाई गई है। इस पर पुलिस अधीक्षक बारां को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
वायरल वीडियो में एक धार्मिक स्थल पर बकरे की बलि दी जा रही है। बलि देते हुए थाना अधिकारी को हाथ में तलवार लिए हुए दिखाया गया है।

पशु एवं पक्षी बली निषेध अधिनियम 1975 राजस्थान में प्रभावी
पुलिस अधिकारी का कहना है कि राजस्थान में पशु एवं पक्षी बली निषेध अधिनियम 1975 प्रभावी है। इस अधिनियम तहत कोई भी व्यक्ति मंदिर परिसर में या पूजा स्थल के आसपास पशु बलि नहीं दे सकता। यदि कोई ऐसा काम करता हे तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ अधिनियम की धारा 6 के तहत 6 माह का कारावास या ₹500 का अर्थदंड अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। यह इस एक्ट में प्रावधान है। इसमें पशु बलि के लोग सामने वाले को भी 3 माह का कारावास और ₹300 का जुर्माना अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। इस संबंध में नजदीकी थाना अधिनियम की धारा 9 के तहत कार्रवाई कर सकता है।

Back to top button