उत्तर प्रदेश

पंचायत चुनाव : सैफई में टूटेगा मुलायम परिवार का एकाधिकार, पहली बार परिवार से बाहर का चुना जाएगा सदस्य

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी आरक्षण ने कई बड़े नेताओं का गणित बिगड़ दिया है। उनमें से एक इटावा में सैफई ब्लॉक प्रमुख की सीट भी है। यह सीट इस बार अनुसूचित जाति (SC) की महिला के लिए आरक्षित हो गई है। सैफई ब्लॉक बनने के बाद से इस सीट पर समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार का कब्जा रहा है लेकिन इस बार बदले समीकरण में मुलायम परिवार का कोई भी सदस्य ब्लॉक प्रमुख नहीं बन पाएगा।

हालांकि मुलायम सिंह यादव के नाती तेज प्रताप यादव का कहना है कि सैफई ब्लॉक प्रमुख की सीट पर उनके परिवार का कोई सदस्य न सही, उनकी पार्टी का कोई व्यक्ति ही चुनकर आएगा। बता दें कि 2014 में मैनपुरी से सांसद रहे तेज प्रताप यादव 2010 में सैफई के ब्लॉक प्रमुख थे।

1995 से सैफई ब्लॉक में मुलायम परिवार का रहा एकाधिकार

सैफई ब्लॉक 1995 में बना था। पहली बार मुलायम सिंह के सबसे बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह ब्लॉक प्रमुख बने थे। 5 साल बाद भी 2000 में रणवीर ही दोबारा ब्लॉक प्रमुख बने लेकिन 2002 में रणवीर सिंह की अचानक मौत हो जाने के बाद यह जिम्मेदारी मुलायम के करीबी चौधरी नत्थू सिंह के बेटे अरविंद को दी गई। 2005 में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव मुलायम के छोटे भाई अभयराम के बेटे धर्मेंद्र यादव ने जीता था। बदायूं का सांसद बनने से पहले धर्मेंद्र यादव 2005 से 2010 तक ब्लॉक प्रमुख रहे। 2014 में जब तेज प्रताप मैनपुरी से सांसद बनकर आए तब उनकी मां मृदुला यादव सैफई की ब्लॉक प्रमुख रहीं। परिवार में कभी भतीजे, कभी नाती तो कभी बहू ब्लॉक प्रमुख बनती रही।

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