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न फेस्टिव सीजन और न तत्काल की जरूरत, फिर भी ‘स्पेशल ट्रेन’ के नाम पर किराए में 137% तक का इजाफा

फिर भी ‘स्पेशल ट्रेन’ के नाम पर किराए में 137% तक इजाफा कर दिया गया है। चंडीगढ़ सुपरफास्ट में सहारनपुर तक स्लीपर में जाने के 175 रुपए लगते थे, लेकिन अब 415 रुपए देने पड़ रहे हैं। जबकि सविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। शताब्दी एक्सप्रेस, जनशताब्दी, कालका मेल समेत पांच अन्य ट्रेनों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया)

यात्रियों की जेब पर इस तरह पड़ रहा असर…
ट्रेन का नाम, ट्रेन नंबर, कहां से कहां तक, स्लीपर किराया और इजाफा, एसी-3 किराया और इजाफा
चंडीगढ़ सुपरफास्ट 02232 चंडीगढ़ से लखनऊ पहले ~400/अब ~505 26% इजाफा पहले ~1045 अब ~1840 76% इजाफा
पाटलीपुत्र एक्सप्रेस 03256 चंडीगढ़ से पटना पहले ~560/अब ~715 27% इजाफा पहले ~1470/अब ~1840 25% इजाफा

अंदर की बात

रेलवे की कमाई हुई कम, कर्मचारियों की सैलरी भी निकल पा रही… जानकार बताते हैं कि रेलवे ट्रेनें तो चला रहा है, लेकिन उसे पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से ट्रेन ऑपरेशन तो दूर कर्मचारियों की सैलरी भी नहीं निकाल पा रही है। यही वजह है कि जिस डेस्टिनेशन पर पैसेंजर फुटफाॅल कम है, वहां पर ज्यादा किराया बढ़ाया गया है।

ये छीनीं सुविधाएं

  • ट्रेनों में कैटरिंग सर्विसेज बंद, कारण बताया-कोरोना संक्रमण फैलने का डर
  • एयरकंडीशनर क्लास में कंबल, चादर की सुविधा अभी नहीं दी जा रही है।

पूर्व रेल मंत्री बंसल ने कहा…
स्पेशल ट्रेन है तो नॉन शेड्यूल वाली ट्रेनें चलाते, पहले से चल रही गाड़ियों का किराया बढ़ाना गलत…
नॉन शेड्यूल वाली एक्सट्रा ट्रेनें चलाई जातीं तो इन्हें स्पेशल ट्रेन माना जा सकता था। लेकिन इन दिनों तो गिनती की ट्रेनें चल रही हैं। जो पहले से चल रही थीं, वे भी बंद हैं। स्पेशल के नाम पर भी इतना किराया नहीं बढ़ाया जा सकता। एक तरह से आम जनता का शोषण है। इस समय लोग कोविड की वजह से ट्रैवल भी कम कर रहे हैं।

ऐसा भी नहीं है कि सीट मिल ही नहीं रही। ट्रेनें खाली जा रही हैं, ऐसे में स्पेशल ट्रेनें चलाने की क्या जरूरत है? यहां तो पहले की तरह ट्रेनें चल रही हैं, उन्हें स्पेशल बताकर किराया बढ़ाना बिल्कुल गलत है।
पवन बंसल, पूर्व रेल मंत्री

सीनियर डीसीएम बोले…
पॉलिसी ही है कि स्पेशल ट्रेन का किराया तत्काल के बराबर या सामान्य से 30 % ज्यादा होगा…
2015 की रेलवे की पॉलिसी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कोई भी ट्रेन स्पेशल की श्रेणी में चलाई जाएगी तो उसका किराया तत्काल के बराबर या फिर सामान्य से 30 फीसदी ज्यादा होगा। इस समय सभी ट्रेनों के किराए को देखने में एकसमानता नजर नहीं आ रही है। शताब्दी एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, कालका हावड़ा मेल स्पेशल कैटेगरी में चल रही हैं।

लेकिन इनके किराए नहीं बढ़े हैं। ऐसे ही कुछ और ट्रेनें भी हैं, जिनके किराए नहीं बढ़े हैं। हालांकि ट्रेनों के फेयर हेड क्वार्टर की ओर से अपलोड किए जाते हैं। फिर भी लोगों की शिकायतों को देखते हुए यह मुद्दा रेलवे हेड क्वार्टर के सामने उठाएंगे।
हरीमोहन, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे अंबाला डिवीजन

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