ख़बरराजनीति

नेपाल ने फिर मारी पलटी, मोदी को दिखाया ठेंगा, चीन की गोद में दोबारा जा बैठे ओली

चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगही के एक दिवसीय नेपाल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। चीनी रक्षा मंत्री ने नेपाल से नजदीकी संबंधों को बनाए रखने का भरोसा दिया है। वहीं, चीन और नेपाल के बीच हथियारों की सप्लाई और मिलिट्री ट्रेनिंग को लेकर भी समझौता हुआ है। जनरल वेई ने वन चाइना पॉलिसी का समर्थन करने के लिए नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की तारीफ भी की है।

चीनी रक्षा मंत्री ने पीएम ओली से की मुलाकात
चीनी रक्षा मंत्री ने रविवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात की और साझा हित के मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। चीन ने नेपाल की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के वास्ते सहायता देने का वादा किया है। नेपाली रक्षा मंत्रालय ने यहां सोमवार को यह जानकारी दी। इस दौरान वेई ने नेपाली सेना प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा से सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण बहाल करने पर बातचीत की जो कोविड-19 कारण प्रभावित हुआ है।

वन चाइना नीति के समर्थन के लिए थपथपाई ओली की पीठ
चीनी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य के अनुसार वेई ने नेपाली नेताओं से कहा कि एक चीन की नीति को दृढ़तापूर्वक अपनाने के लिए चीन नेपाल की सराहना करता है और नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा का समर्थन करता है। वेई की नेपाल यात्रा का विवरण देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रक्षा मंत्री ने नेपाली नेताओं से कहा कि चीन नेपाल से नजदीकी संपर्क जारी रखेगा और नेपाल की सैन्य जरूरतों के लिए सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।

जनरल वेई फेंगही कितने शक्तिशाली?
चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बेहद खास हैं। वह चीन के स्टेट काउंसलर, कम्युनिस्ट पार्टी केंद्रीय समिति के सदस्य और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता वाले केंद्रीय सैन्य आयोग में एक प्रमुख व्यक्ति हैं। माना जा रहा है कि वे जिनपिंग का कोई संदेश लेकर नेपाल पहुंचे हैं। जिससे क्षेत्र की राजनीति पर असर पड़ सकता है।

तीन भारतीय अधिकारियों के नेपाल दौरे से सहमा चीन

हाल में ही भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ सामंत कुमार गोयल ने काठमांडू में नेपाली पीएम ओली से अकेले में मुलाकात की थी। जिसके बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे तीन दिवसीय यात्रा पर काठमांडू पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें नेपाली राष्ट्रपति ने सम्मानित भी किया था। कुछ दिन पहले ही भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला भी नेपाल यात्रा पर गए थे।

1989 में चीन से हथियार खरीदने पर भारत ने लिया था ऐक्शन
1989 में जब नेपाल के राजा स्वर्गीय बीरेंद्र ने चीन से हथियार खरीदने का सौदा किया था तब भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने आर्थिक नाकेबंदी लगाई थी। लेकिन, अब आशंका जताई जा रही है कि नेपाल चीन कार्ड खेलकर भारत पर अपनी निर्भरता को संतुलित करने का प्रयास कर सकता है।

Back to top button