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नीतीश को चुनौती दिए तेजस्वी- आपसे शासन नहीं हो रहा, हमें कुर्सी दीजिए, चलाकर दिखा देंगे

पटना.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लाइव के जरिए सीएम नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। सोमवार को मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि आपसे बिहार का शासन नहीं चल पा रहा है। कुर्सी हमें दे दीजिए, सरकार चलाकर दिखा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार पूरी तरह से थक चुके हैं। उनको अगर बिहार की चिंता होती तो पिछले साल से लेकर अब तक का समय मिला। इतने समय में कमिश्नरी लेवल पर अस्पताल खुल गया होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।

पत्र का नहीं मिलता है कोई जवाब

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि वे नीतीश कुमार को पत्र लिखेंगे। अब तक नेता विरोधी दल के नाते उन्होंने जितने भी पत्र मुख्यमंत्री को लिखे हैं। किसी का जवाब उन्होंने नहीं दिया। साथ ही यह मांग की है कि उन्हें बिहार में सभी जगह जाने की अनुमति सरकार दे। अस्पतालों में जाने की अनुमति सरकार दे। लोगों की सेवा करने राजद परिवार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने भी सरकार को क्या नहीं कहा है। फिर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समझ नहीं रहे हैं।

अस्पतालों का बुरा हाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार के कई अस्पतालों वेंटिलेटर ही नहीं है। कई में है तो उसे चलाने वाला कोई नहीं । रिक्त पदों को भरने के लिए चुनाव के समय ही हमने कहा था। सरकार अगर गंभीर होती तो मेडिकल सेवा से जुड़े सारे पदों को जल्द से जल्द भरा गया होता। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अपनी सीमा होती है लेकिन सरकार के पास काम करने का बड़ा दायरा है। हम अगर लोगों से मिलेंगे तो मुकदमा किया जाएगा। लोग कहेंगे कि नेता विरोधी दल कोरोना फैला रहे हैं। बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल ऐसा है कि सरकारी वेंटिलेटर प्राइवेट अस्पतालों को दिए जा रहे हैं। हम ने मुख्यमंत्री को 30 सुझाव दिए थे। लेकिन उन सुझावों पर सरकार कोई अमल नहीं करती।

सेहत ठीक होने पर जनता के बीच आएंगे लालू प्रसाद
लालू प्रसाद की सेहत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अभी स्थिति अच्छी नहीं है। वे बीमार चल रहे हैं। वह जल्द ठीक होंगे तो जनता के बीच आएंगे। बिहार में रोजगार की स्थिति को लेकर भी तेजस्वी ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार मांगते हैं तो हम पर 302 का मुकदमा कर दिया जाता है। पिछली बार हर विधायक का 50 लाख रुपये लिया गया। वह कहां खर्च हुआ। इसका कोई पता नहीं। सीएम रिलीफ फंड और प्रधानमंत्री रिलीफ फंड का पैसा कहां गया कोई पता नहीं। अब फिर से जनप्रतिनिधियों का दो करोड़ रुपया काटा गया है। 312 विधायकों-पार्षदों मिलाकर जनप्रतिनिधियों से 624 करोड रुपए लिए गए हैं। यह कहां खर्च हो रहा है किसी को नहीं मालूम। यह कम से कम जमीन पर दिखना चाहिए।

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