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नाले से पानी पीने को मजबूर हैं राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र, सिस्टम के मुंह पर तमाचा है ये रिपोर्ट

बलरामपुर :  सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु कई योजनाएं बनाई हैं। ये योजनाएं सरकारी कागजों पर सरपट दौड़ रही हैं। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Water Crisis News) के बलरामपुर जिले में स्थित एक गांव में ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र (Adopted Son Of President) कहे जाने वाले कोरवा जनजाति (Korwa Tribe) के लोग में गंदे नाले से पानी (water from drain) पीने को मजबूर हैं।

कोरवा जनजाति के लोग कहने को तो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं लेकिन गांव में एक बूंद साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। इनकी तस्वीरें आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी। सवाल भी करेंगे कि आखिरी सरकारी योजनाओं की राशि खर्च कहां हो रहा है। ये नजारा है, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक स्थित मानपुर ग्राम पंचायत का, जहां कोरवा पारा के लोग आजादी के सात दशक बाद बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। सुविधाओं की बात तो बेमानी है, शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है।

पूर्व की सरकार में इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक और मंत्री भी थे। वर्तमान के कांग्रेस विधायक भी राज्य सरकार में मंत्री है। लेकिन इनका सुध अभी तक नही लिया गया है। इस मोहल्ले में कोरवा जनजाति के 25 परिवार में लगभग 150 लोग निवासरत हैं। ये सभी लोग पिछड़ी जनजाति से हैं। गांव के बुजुर्गों की मानें तो उन्होंने जब से होश संभाला है तब से नाले का पानी ही उपयोग कर रहे हैं।

गांव में पानी न होने की वजह से महिलाएं और बच्चे पानी के लिए नाले तक जाती हैं। इसलिए इनकी परेशानी ज्यादा है। लोगों ने कहा कि नेता चुनाव के दौरान वोट के लिए आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। मगर आजतक गांव में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं हुई।

सरपंच के मुताबिक इस मोहल्ले में पानी की व्यवस्था के लिए प्रयास किया जा रहा था लेकिन पंचायत को मिलने वाले राशि को गौठान में खर्च करा दिया गया। वहीं, इस मामले में बलरामपुर जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति ने मामले की जानकारी नहीं होने का हवाला दिया। जानकारी मिलने के बाद कहा कि जल्द ही सुविधाएं मुहैया करा देंगे।

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