उत्तर प्रदेशक्राइम

नाम नकली, धर्म नकली, पता नकली लेकिन बन गया नकली नाम का असली पासपोर्ट, ऐसे हुई पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत

जौनपुर में एक लड़की का सरकारी कागजों में ना केवल धर्म बदल दिया गया बलकि बिना किसी शादी के उसको किसी की पत्नी तक बना दिया गया। जौनपुर जिले के सरपतहां थाना इलाके के मित्तूपुर गांव में वंदना नाम की लड़की रहती है। इसी गांव का रहने वाला है नईम जो वंदना का बचपन का दोस्त है। दोनों ने साथ-साथ पढ़ाई की और इस दौरान दोनों के बीच अच्छी-खासी दोस्ती हो गई।

वंदना का ताल्लुक एक गरीब परिवार से है। नईम उसे विदेश में नौकरी दिलाने की बात कहता था। इस पर वंदना उसे बताती थी कि उसके पास पासपोर्ट नहीं है तो वो कैसे विदेश में नौकरी कर सकती है। इस पर नईम ने उसका पासपोर्ट बनाने का वायदा किया और वंदना को वो सब करने को कहा जो वो कहेगा। इसके बाद शुरु हुई फर्जीवाड़े का खेल जिसमें सरकारी बाबूओं से लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भी शामिल है।

ऐसे हुई पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत

शुरुआत हुई आजमगढ़ जिले की फूलपुर तहसील से जहां नईम की ससुराल है। नईम ने अपने ससुराल के पते पर वंदना का नाम रुख़्सती बदलकर उसका जाति प्रमाण पत्र और वोटर आईडी कार्ड बनवाया | उसके बाद इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर साल 2015 में पासपोर्ट उसने वंदना का पासपोर्ट भी बनवा दिया। पासपोर्ट बनवाने के लिए वो वंदना को भी साथ लेकर गया और नकाब में पासपोर्ट ऑफिस में फोटो खिंचवाई।

साल 2015 में जांच में सरपतहां थाने से वंदना को रुख्सती बता कर रिपोर्ट भी लग गई । पुलिस ने रुख़्सती को नईम की पत्नी बताते हुए रिपोर्ट भी जिला मुख्यालय को भेज दी। इतना ही नही स्थानीय अभिसूचना इकाई( LIU )विभाग ने भी रिपोर्ट लगा दी कि जिस महिला ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है उसका नाम रुख़्सती है और वो मित्तूपुर गांव की रहने वाली है और उसके पति का नाम नईम है ।

वोटर आईडी कार्ड में वंदना का नाम बदलकर रुख़्सती कर दिया गया

इस घटना के बाद घूमा वंदना का दिमाग

वंदना के मुताबिक नईम आए दिन उसे विदेश ले जाने के लिए दबाव बनाता रहा लेकिन वो अपने असली नाम के पासपोर्ट पर विदेश जाने की जिद करती रही। वंदना का आरोप है कि जब नईम बार बार उसे साथ जाने के लिए दबाव बना रहा था तो उसने एक बार नईम की बात अपनी भाभी से कराई जिसमें नईम ने वंदना की भाभी को 10 से 15 लाख रुपए देने को कहा था अगर वो वंदना को उसके साथ विदेश भेजने के लिए राजी कर ले।

बस इसके बाद ही वंदना का दिमाग घूम गया, उसे लगा कि जरुर नईम उसे विदेश में ले जाकर बेचना चाह रहा है जिसकी वजह से वो विदेश में नौकरी दिलाने पर आमादा है। वंदना के मुताबिक इसी साल उसकी शादी एक लड़के से तय हुई तो एक बार फिर नईम ने उसे साथ ले जाने की जिद की लेकिन जब वंदना तैयार नहीं हुई तो नईम ने उसके पासपोर्ट की फोटो उस लड़के को भेज दिया जिससे उसकी शादी होनी थी। रुख़्सती नाम से वंदना का पासपोर्ट देख लड़के वालों ने रिश्ता तोड़ दिया।

वोटर लिस्ट में भी वंदना का नाम रफात बानो लिखा गया है
वंदना अब अपनी पहचान पाने के लिए पुलिस थानों के चक्कर लगा रही है। वो ये साबित करना चाहती है कि ना तो उसका नाम रुख़्सती है और ना ही नईम से उसकी शादी हुई है और पासपोर्ट भी फर्जी तरीके से बना है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन देखना ये होगा कि ये जांच किसी मुक्म्मल मुकाम तक पहुंच पाएगी और वंदना को अपनी पहचान दोबारा से मिल सकेगी या नहीं ?

 

 

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