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नाक में उंगली वाले वीडियो नहीं बना सकते चीनी सोशल मीडिया यूजर्स, हो सख्त ऐक्शन!

पेइचिंग
चीन के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीचैट ने सामान्य नियमों की एक नई लिस्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि अगर किसी यूजर ने नाक में उंगली डालने की वीडियो शेयर की तो उसे नियम का उल्लंघन मानते हुए तत्काल हटा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, छोटे-छोटे बच्चों को पीठ की तरफ थप्पड़ मारने वाले वीडियोज और फोटो को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सरकार के दबाव में वीचैट ने लगाए नए प्रतिबंध
दुनियाभर में वीचैट का प्रयोग करने वाले लोगों की तादाद 1 अरब से अधिक है। यह चीन का सबसे लोकप्रिय सोशल मैसेजिंग ऐप भी माना जाता है। हाल के दिनों में चीन में इस ऐप पर अश्लीलता और हिंसा को बढ़ावा देने के काफी आरोप लगते हैं। इस ऐप को बनाने वाली कंपनी टेंसेंट होल्डिंग लिमिटेड में चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने बड़ा निवेश किया हुआ है। इसलिए, इस प्लेटफॉर्म ने अपनी छवि को सुधारने के लिए प्रतिबंधों की लिस्ट प्रकाशित की है।

वीचैट के चैनल टूल से खुश नहीं है कम्युनिस्ट पार्टी
वीचैट ने पिछले साल चैनल टूल को लॉन्च किया था। इसके जरिए यूजर्स लाइव स्ट्रीम करते हैं और दूसरे यूजर्स उन्हें देखते भी हैं। चीन के सरकारी अधिकारी इस टूल के जरिए देश में राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और अश्लीलता फैलाने का माध्यम मानते हैं। ऐसे में टेंसेंट के ऊपर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

70 से अधिक प्रतिबंधों की लिस्ट जारी
चीन के इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने प्रतिबंधों की जो लिस्ट प्रकाशित की है, उसमें 70 से अधिक सामान्य उल्लंघन बताए गए हैं। मसलन बच्चों को पीछे की तरफ थप्पड़ मारना और नाक में उंगली डालना अब प्रतिबंधित रहेगा। वीचैट विदेशों में रहने वाले लाखों चीनी लोगों के लिए संचार का एक प्रमुख साधन है। वे इस ऐप के जरिए चीन में मौजूद अपने परिवार से संपर्क रखते हैं, क्योंकि वहां फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सएप, ट्विटर और गूगल जैसे अन्य प्लेटफॉर्म बैन हैं।

पिछले साल भारत और अमेरिका ने वीचैट को किया था प्रतिबंधित
चीन के साथ लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद पिछले साल भारत ने चीन के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रतिबंधित किया था। इस प्रतिबंधों की सूची में वीचैट का भी नाम था। इसके ठीक बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वीचैट को अपने देश में प्रतिबंधित कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि चीन अपने ऐप के जरिए अमेरिकी लोगों की जासूसी कर रहा है।

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