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नवरात्रि: इस तारीख से होगी शुरुआत, अष्टमी होगी इस दिन

हमारे देश में कई त्यौहार मनाये जाते हैं, इन सब त्योहारों में नवरात्रों का बड़ा ही महत्व होता हैं । नवरात्रों में हिन्दू धर्म के लोग लगातार 9 दिनों तक दुर्गा माता की पूजा अर्चना करते हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दे की वर्ष भर में 4 बार नवरात्रे आते हैं, जहाँ चैत्र और आश्विन माह के नवरात्रों के बारे में सभी जानते हैं वही बाकी के दो नवरात्रों को गुप्त नवरात्रे कहा जाता हैं ।

आश्विन मास में पड़ने वाले नवरात्रों को महानवरात्रे के नाम से जाने जाते हैं, ये नवरात्रे दशहरे से पहले मनाये जाते हैं और दशहरे वाले दिन इन महानवरात्रों का समापन होता हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दे की आश्विन मास में आने वाले नवरात्रे शरद ऋतू में होने के कारण शारदीय नवरात्रे के नाम से भी जाने जाते हैं ।

इस बात को सभी जानते हैं की नवरात्रों के सभी 9 दिन माता के भिन्न भिन्न रूपों की आराधना की जाती हैं जिससे भक्तजन माता की कृपा पाते हैं । हिन्दू धर्म के लोगो के लिए नवरात्रों के 9 दिन व्रत रखने को बड़ा महत्व दिया जाता हैं ।

लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कई भक्त असमंजस में हैं की आखिर नवरात्रे कब से शुरू हो रहे हैं ? आज हम भक्तो की इस समस्या का निराकरण करते हुए बताने जा रहे हैं की इस बार नवरात्रे का यह महापर्व कब मनाया जायेगा ।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की नवरात्रों की शुरुवात में सबसे पहले दिन माता के रूप शैलपुत्री माता की आराधना की जाती हैं। हिमालय पुत्री होने के कारण माता का नाम शालिपुत्री पड़ा था, बांये हाथ में कमल और दांये हाथ में त्रिशूल लिए माता की छवि को देखकर भक्त भक्तिमय हो जाते हैं, वृषभ वाहन धारी माता शैलपुत्री की शक्तिया और करुणा का कोई थाह नही हैं ।

दुसरे नवरात्रे की बात करे तो इस दिन ब्रह्मचारिणी माता की आराधना की जाती हैं वही तीसरे नवरात्रे पर चन्द्रघंटा माता की पूजा की जाती हैं ।चौथे नवरात्रे पर कुष्मांडा माता वही पांचवे नवरात्रे पर माता स्कंदमाता की आराधना की जाती है। छठे नवरात्रे पर कात्यायनी माता और सातवे नवरात्रे पर माँ काली की आराधना करके भक्त माता की कृपा पाते हैं । आठवे नवरात्रे की बात करे तो इस दिन महागौरी माता की पूजा की जाती हैं वही आखिरी नौंवे नवरात्रे पर सिद्धिदात्री माता की पूजा कर भक्त सुख समृधि पाते हैं ।

10 अक्टूबर, प्रतिपदा – बैठकी या नवरात्रि का पहला दिन- घट/ कलश स्थापना – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी पूजा 11 अक्टूबर, द्वितीया – नवरात्रि 2 दिन तृतीय- चंद्रघंटा पूजा 12 अक्टूबर, तृतीया – नवरात्रि का तीसरा दिन- कुष्मांडा पूजा 13 अक्टूबर, चतुर्थी – नवरात्रि का चौथा दिन- स्कंदमाता पूजा 14 अक्टूबर, पंचमी – नवरात्रि का 5वां दिन- सरस्वती पूजा 15 अक्टूबर, षष्ठी – नवरात्रि का छठा दिन- कात्यायनी पूजा 16 अक्टूबर, सप्तमी – नवरात्रि का सातवां दिन- कालरात्रि, सरस्वती पूजा 17 अक्टूबर, अष्टमी – नवरात्रि का आठवां दिन-महागौरी, दुर्गा अष्टमी ,नवमी पूजन 18 अक्टूबर, नवमी – नवरात्रि का नौवां दिन- नवमी हवन, नवरात्रि पारण 19 अक्टूबर, दशमी – दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी

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