उत्तर प्रदेश

नदी पर पहरा : गंगा की एसडीआरएफ और जल पुलिस करेगी निगरानी

 कानपुर
कोरोना की दूसरी लहर ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड और नॉन कोविड मरीजों की बड़ी संख्या में मौत हुई है। ग्रामीणों ने शवों को गंगा किनारे रेती में दफना दिया या फिर शवों को गंगा में प्रवाहित कर दिया है। पिछले दिनों गंगा में उतराते शवों की तस्वीरें सामने आने के बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने नाराजगी जाहिर की है। इस पर प्रदेश सरकार ने गंगा की निगरानी करने के आदेश दिए हैं। अब कानपुर में एसडीआरएफ और जल पुलिस बिल्हौर से लेकर ड्योढ़ी घाट तक गंगा में पेट्रोलिंग करेगी।

कानपुर कमिश्नरेट और आउटर पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में गंगा की निगरानी करने की योजना बनाई है। शासन की तरफ से शनिवार को एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की एक टीम कानपुर पहुंच जाएगी। एसडीआरएफ के साथ प्लाटून पीएसी की टीम को भी लगाया गया है। शहरी क्षेत्रों में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की टीमें गंगा की निगरानी करेंगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में आउटर पुलिस गंगा की पहरेदारी करेगी।

गंगा में शव प्रवाहित करने वालों पर होगी कार्रवाई
एसडीआरएफ की टीम को गंगा में कोई शव मिलता है तो उसका अंतिम संस्कार कराएगी। इसके साथ यदि गंगा में शव प्रवाहित करते हुए कोई मिलता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीआरएफ और पीएसी को स्टीमर मुहैया कराई गई है।

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