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नक्सल दंपति को सरेंडर कराया कोरोना, बंदूक छोड़ पहुंच गए अस्पताल

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आम जिंदगी बिताने का फैसला किया। ये दोनों बीमार थे, जांच करने पर कोविड संक्रमित पाए गए। अब इन नक्सल पति-पत्नी का इलाज पुलिस के जरिए सरकार करवा रही है। सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ के जंगलों में दर्जनों नक्सली कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे में अब उनके पास दो ही विकल्प हैं या तो बीमारी से जूझते रहें या फिर सरेंडर करके इलाज हासिल करें और आम जिंदगी बिताएं। उत्तर बस्तर माओवादी संगठन के नक्सली अर्जुन ताती और इसकी पत्नी लक्ष्मी पद्दा ने जिंदगी का साथ देने का फैसला किया तो हथियार और खूंखार नक्सलियों को अलविदा कहकर पुलिस के पास आ गए।

जंगल से खुद को बचाकर पहुंचे BSF कैम्प
खबर मिली है कि जंगल में नक्सली कमांडर अपने लोगों में किसी भी सूरत में सरेंडर न करने का दबाव बना रहे हैं। मगर कोरोना की वजह से नक्सलियों की हालत पस्त है। अर्जुन और लक्ष्मी की तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। दोनों ने पुलिस की मदद से इलाज करवाने की ठानी और सरेंडर करने का फैसला लिया। ये बात अगर इनके कमांडर को पता चलती तो शायद इनकी जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए छिपते हुए ये नक्सलियों का साथ छोड़कर निकल पड़े।

जंगल से होते हुए 12 मई को कांकेर के कामतेड़ा BSF कैम्प पहुंचे। दोनों ने फोर्स के जवानों को अपना परिचय दिया। दोनों ने बताया कि हम आलदण्ड थाना छोटेबेठिया जिला उत्तर बस्तर कांकेर के रहने वाले हैं, हमारी तबीयत ठीक नहीं हैं। दोनों को फौरन पुलिस की टीम कांकेर अस्पताल लेकर आई, यहां जांच में पता चला कि दोनों कोविड पॉजिटिव हैं। फिलहाल दोनों का इलाज करवाया जा रहा है।

बाकी नक्सलियों से भी अपील छोड़ दें हथियार
कांकेर के SP एमआर आहिरे ने बताया कि माओवादी दंपती अर्जुन ताती और लक्ष्मी पद्दा को इलाज के बाद स्वास्थ्य ठीक होने पर पूछताछ की जाएगी और सरेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होगी। बस्तर रेंज के IG सुन्दरराज पी ने बताया कि माओवादी संगठन छोड़कर पुलिस से सम्पर्क करने वाले इस जोड़े का हमने स्वागत किया है। हम चाहते हैं कि बाकी के माओवादी भी सरेंडर करें, उनकी हर मुमकिन मदद की जाएगी।

मलकानगिरी एसपी भी कर चुके हैं अपील

ओडिशा के नक्सल प्रभावित और छत्तीसगढ़ के सरहदी जिले मलकानगिरी के एसपी ऋषिकेश दयानंद खिलारी ने भी कोरोना संक्रमण से जूझ रहे नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर मामला दर्ज नहीं होगा और उन्हें बेहतर इलाज मुहैय्या कराया जाएगा। इस जिले में सक्रिय कई नक्सलियों के कोरोना पीड़ित होने की जानकारी है।

दोनों पति-पत्नी हैं 3-3 लाख रुपए के इनामी

जानकारी अनुसार ,नक्सली अर्जुन और उसकी पत्नी लक्ष्मी उतर बस्तर माओवाद संगठन में पिछले कई वर्षों से सक्रिय थे। वर्तमान में ये दंपती कांकेर जिले के परतापुर एरिया कमेटी अंतर्गत मेंढ़की LOS सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। इन दोनों पर 3-3 लाख रुपए का इनाम घोषित है। दोनों कई बड़ी नक्सल वारदातों में शामिल भी रहे हैं। बस्तर के कई बड़े नक्सली लीडरों के साथ काम कर चुके हैं।

बस्तर IG बोले- कोरोना से ठीक हो जाएं, फिर कराएंगे विधिवत सरेंडर

बस्तर IG सुंदरराज पी ने भास्कर से बताया कि पुलिस की शरण में आए नक्सली दंपती जब पूरी तरह से स्वस्थ्य हो जाएंगे तो इनका विधिवत सरेंडर कराया जाएगा। इनसे पूछताछ में और कई बड़े खुलासे होने की संभावनाएं है। साथ ही IG ने कहा कि इलाके में अभी कई और नक्सलियों के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी मिली है। उनसे अपील है कि वे भी माओवाद संगठन छोड़ कर पुलिस के पास आ कर सरेंडर कर लें, पुलिस उनका भी इलाज कराएगी।

दक्षिण बस्तर में भी हैं कई नक्सली नेता बीमार, 7 से ज्यादा की जल चुकी हैं चिताएं

दक्षिण बस्तर इलाके में भारी संख्या में माओवादियों के कोरोना संक्रमित होने का खुलासा सबसे पहले भास्कर ने ही किया था। जिसके बाद गंगालूर में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में नक्सली विकास द्वारा नक्सली सुजाता को लिखा गया एक पत्र भी भास्कर के हाथ लगा था। जिसमें 7 नक्सलियों की बीमारी से मौत का जिक्र भी किया गया था। दंडकारण्य के जंगलों में सभी की चिताएं भी जल चुकी है। दन्तेवाड़ा के SP डॉक्टर अभिषेक पल्लव लगातार दावा भी कर रहे हैं कि दक्षिण बस्तर इलाके के लगभग 100 से ज्यादा नक्सली अभी भी बीमार हैं जिनमें 25 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुजाता भी शामिल है।

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