उत्तर प्रदेश

नए साल पर अखिलेश को नया झटका, शिवपाल तोड़ ले गए बहुत बड़ा नेता

नए साल की शुरुआत में भी शिवपाल यादव अपने मिशन में लगे हुए हैं. उनका ये मिशन है भतीजे अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में तोड़फोड़. पिछले साल जहां कई सपाई नेता अखिलेश से अलग होकर शिवपाल के साथ चल दिए, वहीं अब नए साल 2019 में भी ये सिलसिला जारी है.

अब खबर है कि बरेली में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तारा सिंह सोलंकी ने भी शिवपाल यादव का दामन थाम लिया है. बुधवार को पूर्व जिलाध्यक्ष प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मंच पर नजर आए. तारा सिंह सोलंकी ने पत्रिका से बात करते हुए कहा कि वो नेता जी के साथ बहुत पुराने समय से जुड़े हुए है और पार्टी बनाई थी लेकिन अब समाजवादी पार्टी में सम्मान नहीं मिल पा रहा था युवा नेता पुराने नेताओं को पूछते ही नहीं थे जिसके कारण अब वो शिवपाल यादव के साथ आ गए है.

नए साल पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने शहर के एक होटल में कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमे पत्रकारों से बात करते हुए प्रसपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा लोकसभा चुनाव तक हाफ और आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रदेश से साफ़ हो जाएगी.

इस अवसर पर प्रसपा के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों की हालत खराब है. किसान परेशान है और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है. किसानों को गन्ने का भुगतान अभी भी नहीं मिल पाया है जिससे इस देश का अन्नदाता कर्ज के बोझ में दब गया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो उनकी पार्टी किसान आयोग का गठन कर किसानों की समस्या दूर करेगी.

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