खेल

धोनी को कैसे मिली टीम इंडिया की कमान?  बीसीसीआई के पूर्व चीफ शरद पवार ने किया खुलासा

नई दिल्ली:  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया और  बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व चीफ शरद पवार ने खुलासा करते हुए कहा कहा कि यह सचिन तेंदुलकर ही थे, जिन्होंने साल 2007 में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को कप्तान बनाए जाने की सिफारिश की थी. पवार ने एक पब्लिक मीटिंग में कहा कि कैसे राहुल द्रविड़ साल 2007 में कप्तानी छोड़ना चाहते थे और ऐसे में राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने के लिए एक नए शख्स की तलाश करनी थी. शरद पवार साल 2005  से 2008 से लेकर तीन साल तक बीसीसीआई के बॉस रहे थे.

पवार ने कहा क मुझे याद है कि साल 2007 में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गयी थी. उस समय राहुल द्रविड़ कप्तान थे. मैं उस समय इंग्लैंड में था और तब द्रविड़ मुझसे मिलने आए. राहुल ने मुझसे कहा कि वह भारतीय टीम का नेतृत्व नहीं करना चाहते. द्रविड़ ने बताया कि कैसे कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर असर डाल रहा है. द्रविड़ ने अनुरोध किया कि उन्हें कप्तानी से मुक्त किया जाना चाहिए. ऐसे में मैंने सचिन से टीम का नेतृत्व करने को कहा, लेकिन सचिन ने कप्तान बनने से इनकार कर दिया.

पवार ने कहा कि मैंने सचिन से कहा कि अगर तुम दोनों ही कप्तानी नहीं करना चाहते, तो हालात आगे कैसे बढ़ेंगे. ऐसे में सचिन ने मुझसे कहा कि देश में एक और खिलाड़ी है, जो टीम का नेृत्व कर सकते हैं और वह और कोई नहीं बल्कि एमएस धोनी हैं. और सचिन की सलाह के बाद हमने कप्तानी धोनी को सौंप दी.

ध्यान दिला दें कि साल 2007 में द्रविड़ की कप्तानी में भारत विंडीज में हुए फिफ्टी-फिफ्टी वर्ल्ड कप के नॉकआउंड राउंड में भी नहीं पहुंच सकता था, जिससे टीम को फैंस का रोष झेलना पड़ा था. वहीं ग्रेग चैपल के सीनियर क्रिकेटरों के रवैये को लेकर भूचाल सा आ गया था. सीनियरों ने दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया, तो सेलेक्टरों ने एमएस धोनी को टीम की कप्तानी सौंपी और इसके बाद एक-एक करके धोनी इतिहास रचते गए. धोनी ने साल 2011 में घर में आयोजित वर्ल्ड कप जीता, तो 2013 में उनके नेतृत्व में भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती.

 

Back to top button