सेहत

दूसरी डोज में 12-16 सप्ताह का इंतजार, इससे पड़ा सकता हैं टीकाकरण की गति पर असर

नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में अभी तक एक बड़ी आबादी को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है।अब उन्हें दूसरे डोज लगने का इंतजार है।जिस गति के साथ भारत में टीकाकरण हुआ, लगता है दूसरी डोज लगने के साथ उसमें लगाम लग सकती है।दरअसल भारत में अब दूसरी डोज लगाने वालों की संख्या ज्यादा है और उन्हें दूसरी डोज के लिए तय की गई समय सीमा तक रुकना होगा।भारत में अब तक 95.8 करोड़ कुल डोज का 88 फीसदी लगाया जा चुका है।और दो डोज के बीच अंतराल 12-16 हफ्ते है।इससे टीकाकरण की गति पर असर पड़ने की आशंका है।कोरोना टीकाकरण का उद्देश्य ही ज्यादा से ज्यादा वयस्क आबादी को वैक्सीन लगाना था।टीकाकरण में जो गति दिख रही थी वहां भी पहला डोज लगाने की वजह से ही थी।

अब तक करीब 73 फीसदी योग्य आबादी को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुका है। पहली डोज का हफ्ते भर का जो अनुपात रहा है उसकी तुलना में दूसरी डोज का औसत लगातार गिरकर करीब एक रह गया है। जबकि पहली डोज के बराबर ही दूसरी डोज भी लगायी जा रही है।दरअसल ऐसा इसकारण हो रहा है क्योंकि करीब 70 फीसदी आबादी पहले ही कवर हो चुकी है।दूसरी तरफ दूसरी डोज लेने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इस तरह देखा जाए तो 12-16 हफ्ते बाद फिर से वैक्सीन लगने की गति में इजाफा होगा।खबर के मुताबिक अगस्त के दौरान पहली डोज का प्रति दिन दिए जानी वाली डोज का हफ्ते भर का औसत 36.6 लाख से 48.4 लाख के बीच था, वहीं इसकी तुलना में दूसरी डोज का औसत 11.9 लाख से 19 लाख के बीच था।

सितंबर में टीकाकरण की गति में सुधार हुआ, तो प्रति दिन लगने वाले पहली डोज का, पहले तीन हफ्तों का औसत 44.1 लाख से 58.3 लाख था।जबकि दूसरी डोज का औसत 21.6 लाख से 37.2 लाख था।हालांकि 25 सितंबर से 1 अक्टूबर और 2 से 6 अक्टूबर के दरमियान पहली और दूसरी डोज का अनुपात लगभग समान था।25 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान प्रति दिन औसतन 38.7 लाख पहली डोज लगा, दूसरी डोज (30.5 लाख) इसकी तुलना में थोड़ी ही कम थी।

वहीं 2 से 6 अक्टूबर के दौरान इस अनुपात में गिरावट देखने को मिली और पहली डोज का औसत प्रतिदिन 25.3 लाख रहा जबकि दूसरी डोज प्रतिदिन 22.3 लाख के औसत से लगी। सरकार का मानना है कि पहली डोज लगने के बाद वैश्विक स्तर पर टीकाकरण की गति में कमी आई है।अधिकारियों का कहना है कि भारत में 70 फीसदी योग्य आबादी को टीका लग चुका है।इसके बाद स्वाभाविक है कि पहली डोज लगवाने वाले नए लोगों की संख्या में कमी आएगी।

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