क्राइम

दुनिया की सबसे खूंखार सीरियल किलर की पूरी कहानी, जानें कौन थी एलिजाबेथ बाथरी?

ग़ुस्से में कोई किसी की हत्या कर दे ये बात तो आम है. लेकिन हम आपको बतायें कि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें लोगों को मारने और दूसरों को चोट पहुंचाने मज़ा आता है तो बेशक आपकी रूह कांप जायेगी. तो आपके बता दें ऐसे लोग सच में होते हैं जिन्हें सीरियल किलर कहा जाता है. ठीक ऐसा ही एक सीरियल किलर वर्ष 1560 में हंगरी के एक घर में पैदा हुआ था. वो कोई आदमी नहीं बल्कि एक औरत थी. उसका नाम रखा गया एलिजाबेथ बाथरी, जिसका नाम बाद में इतिहास की सबसे बड़ी महिला हत्यारिन के नाम पर दर्ज़ हुआ. सबसे खतरनाक बात ये है उसने केवल 15 साल की उम्र में पहला अपराध कर दिया था.

दरअसल ऐलिजाबेथ सुंदर लड़कियों से नफरत करती थी और वह उसे उन्हें नुकसान पहुंचाने में मज़ा आता था. इतना ही नहीं वह उनके खून से यह सोचकर स्नान करती थी कि इससे वह युवा बनी रहेगी. अपनी खूबसूरती को बनाए रखने की आड़ में उसने एक या दस नहीं बल्कि 600 से ज्यादा सुंदर लड़कियों को मार डाला था. यही वजह है कि एलिजाबेथ को इतिहास की सबसे भयानक महिला कातिल कहा जाता है. सबसे घिनौनी बात ये थी कि इन कत्लों में उसका परिवार भी उसकी मदद करता था.

जी हां, एलिजाबेथ ही नहीं बल्कि उसके माता-पिता और उसके दूसरे रिश्तेदार भी उतने ही क्रूर थे. बचपन से ही उसने देखा कि उसके क्रूर माता-पिता गरीब लोगों की पिटाई करते हैं. कहा जाता है कि एलिजाबेथ ने अपने अंकल से शैतानी तांत्रिक विधि सीखी और आंटी से अत्याचार करना सीखा.

एलिजाबेथ बाथरी की शादी 15 साल की उम्र में फेरेंक II नाडास्डी नाम के एक व्यक्ति से हुई थी, जो 19 साल का था. वह तुर्की के खिलाफ हुए युद्ध में हंगरी का हीरो था. एलिजाबेथ अपने पति के सामने खूबसूरत मासूम लड़कियों का खून बहाती थी. कुंवारी लड़कियों को मारना उसका शौक बन गया था. एलिजाबेथ की तीन बेटियां और एक बेटा था. 1604 में 48 साल की आयु में उसके पति की मौत हो गई थी. इसके बाद वह स्लोवाकिया चली गई. हत्याएं करने और लड़कियों पर अत्याचार करने में मदद करने के लिए उसने नौकर रखे हुए थे.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो उसने इतनी हत्याओं को अंजाम दिया. तो आपको बता दें कि एक बार एक लड़की एलिजाबेथ को तैयार करने में मदद कर रही थी, तभी गलती से उससे ऐलिजाबेथ के बाल खिंच गए. ऐलिजाबेथ ने उसे इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि लड़की के चेहरे से खून निकलने लगा. उसने फिर उसी जगह लड़की को मारा तो उसके हाथ में खून लग गया. उस रात एलिजाबेथ ने महसूस किया कि हाथ में जिस जगह लड़की का खून लगा था, उसकी वहां की स्किन अधिक युवा और सुंदर हो गई थी. बस उसने तब से ही अपनी जवानी को बनाए रखने के लिए कुंवारी लड़कियों के खून से स्नान करना शुरू कर दिया और इसके लिए हत्या्एं करने लगी.

यही वजह है कि उसके महल में आने वाली लड़कियां कभी ज़िंदा वापस नहीं लौटती थीं. वह हमेशा गरीब लड़कियों को बुलाती थी, चूंकि वह बहुत प्रभावशाली थी इसलिए उसे कोई इनकार नहीं कर पाता था. उन हत्याओं की जांच के दौरान ऐलिजाबेथ के नौकरों ने उन हत्याओं की दिल दहला देने वाली कहानियां सुनाईं. ऐलिजाबेथ और उसके नौकरों पर 80 हत्याएं करने का दोष साबित हुआ, जबकि सबूत 600 से ज्यादा हत्यालओं के थे.

चूंकि वह शाही परिवार से थी और शाही परिवार के लोगों को फांसी पर लटकाने का प्रावधान नहीं था इसलिए उसे बस एक कमरे में बंद कर दिया गया. कमरे में बंद करने के साढ़े तीन साल बाद ऐलिजाबेथ की मौत हो गई थी.

तो आपको एलिज़ाबेथ की डरावनी सच्ची घटना किसी लगी हमें कमेंट सेक्शन में लिख कर बताएं

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