जरा हट के

दुनिया का एक ऐसा देश जहां मुस्लिम तो है लेकिन मस्जिद नहीं…

इस वक्त दुनियाभर में इस्लामिक कट्टरपंथ का तांडव देखा जा रहा है. कई देशों में मस्जिदें से इस तरह का कट्टरपंथ फैलाया जा रहा है. इसके चलते ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस जैसे देशों ने अपने देश की मस्जिदों में कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए हैं. वहीं तुर्की जैसे देश चर्चों को मस्जिद बना रहे हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में सुन कर आपके होश फाख्ता हो जाएंगे. जी हां, दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहां मुस्लिम तो जरूर रहते हैं लेकिन यहां न तो एक भी मस्जिद है और न ही उसे बनाने की अनुमति मिलती है.

इस देश का नाम है स्लोवाकिया. जानकारी के मुताबिक, स्लोवाकिया में जो मुस्लिम रहते हैं वो तुर्क और उगर हैं और 17वीं सदी से ही यहां रह रहे हैं. साल 2010 में स्लोवाकिया में मुस्लिमों की आबादी 5,000 के आसपास थी.

आपको बता दें कि स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन का सदस्य देश है. लेकिन वो एक ऐसा देश है, जो सबसे आखिर में इसका सदस्य बना. इस देश में मस्जिद बनाने को लेकर विवाद भी होता रहा है. साल 2000 में स्लोवाकिया की राजधानी में इस्लामिक सेंटर बनाने को लेकर भी विवाद हो गया. ब्रातिसिओवा के मेयर ने स्लोवाक इस्लामिक वक्फ फाउंडेशन के सभी प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

दरअसल, साल 2015 में यूरोप के सामने शरणार्थियों का प्रवास एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था. उस वक्त स्लोवाकिया ने 200 ईसाइयों को शरण भी दी थी, लेकिन मुस्लिम शराणार्थियों को आने से मना कर दिया था. इस पर स्प्ष्टीकरण देते हुए स्लोवाकिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके यहां मुस्लिमों के इबादत की कोई जगह नहीं है, जिसके कारण मुस्लिमों को शरण देना देश में कई समस्याएं पैदा कर सकता है. हालांकि, इस फैसले का यूरोपीय यूनियन ने भी आलोचना की.

तो वहीं 30 नवंबर, 2016 को स्लोवाकिया ने एक कानून पास कर इस्लाम को आधिकारिक धर्म का दर्जा देने पर रोक लगा दी थी. यह देश इस्लाम को एक धर्म के रूप में नहीं स्वीकार करता है. यूरोपीय यूनियन में स्लोवाकिया एकमात्र ऐसा अकेला देश है, जहां एक भी मस्जिद नहीं है.

स्लोवाकिया में ध्वनि प्रदूषण से निपटने के लिए भी एक कड़ा कानून है. इस देश में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक आप किसी से खराब व्यवहार में बात नहीं कर सकते हैं और ना ही हल्ला मचा सकते हैं. अगर ऐसा कोई करता है, तो उसे पुलिस पकड़ सकती है, और जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

आपको क्या लगता है स्लोवाकिया का इस तरह का रूख और इस्लाम की तरफ उनकी ये सोच ठीक है. तो आपको कैसी लगी ये खबर हमे कमेंट सेक्शन में लिख कर जरूर बताएं.

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