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दीवाली: यहां दी जाती है उल्लुओं की बलि, अजब मान्यता से शुरु हुआ अंधविश्वास

दीपावली के अवसर पर कई प्रकार की असामाजिक मान्यताएं हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है. ये धर्म और समाज दोनों के हित में नहीं है. उल्लू को लक्ष्मी का वाहन माना जाता है. इस लिहाज़ से लोग दिवाली के दिन उल्लू की पूजा करते हैं. दीपावली पर उल्लू के दर्शन को शुभ माना गया है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उल्लू की बलि देकर लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने की इच्छा रखते हैं. ये लोग धड़ल्ले से ऐसा करते हैं जो न धर्म संगत है और न कानूनी रूप से सही है.

दिवाली के मौके पर लोग गैरकानूनी तरीके से उल्लू की तस्करी करते हैं. दीपावली के आसपास ये उल्लू लगभग 10 हजार में लोग खरीदते हैं. कुछ दिन पहले से इस उल्लू को दारू पिलाई जाती है और दीपावली के दिन इसकी बलि देकर पूजा-पाठ किया जाता है.

दुनिया में हर कोई वैभव की लालसा रखता है. इतना ही नहीं, इस इच्छा से वे भगवती लक्ष्मी को भी प्रसन्न करते हैं ताकि उन पर धन की वर्षा हो. लेकिन अंधविश्वास पर किसी जीव की हत्या करना किसी भी सूरत में न धर्म संगत है और न मानवीय है. अब ये सोचने की बात है भगवती लक्ष्मी वैष्णव प्रवृति की देवी हैं और उन्हें किसी जीव की बलि देकर कैसे खुश किया जा सकता है!

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