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दिल्ली में चाहते हैं एंट्री, तो इन 5 राज्यों के लोगों को दिखानी होगी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट

भारत के तीन राज्‍यों- महाराष्‍ट्र, तेलंगाना और केरल से कोविड-19 के दो नए स्‍ट्रेन मिले हैं। हालांकि केंद्र सरकार के अनुसार, अभी तक ऐसे सबूत नहीं हैं कि महाराष्‍ट्र और केरल में केसेज बढ़ने के पीछे यही स्‍ट्रेन जिम्‍मेदार हैं। दो इन वैरियंट्स के नाम N440K और E484K हैं। E484K ऐसा म्‍यूटेशन है जो शरीर के इम्‍युन रेस्‍पांस से बच जाता है जबकि N440K तेजी से इंसानी रिसेप्‍टर्स से जुड़ता है यानी ज्‍यादा तेजी से फैलता है। देश में कोरोना के मामलों में फिर से उछाल देखने को मिल रहा है। मंगलवार को लगातार नौवां दिन रहा जब केसेज बढ़े। कोविड से मौतों की संख्‍या भी तीन दिन 100 से कम रहने के बाद, मंगलवार को 100 के पार चली गई। आइए जानते हैं कोरोना से जुड़े प्रमुख अपडेट्स।

डेली एवरेज बढ़ा, सबसे ज्‍यादा केस महाराष्‍ट्र से

सात दिन के आधार पर डेली केसेज का एवरेज 14 फरवरी से अबतक 1,800 केसेज से ज्‍यादा की बढ़त दिखा रहा है। 14 फरवरी को जहां यह 11,430 था, वहीं मंगलवार को 13,267 हो गया। सितंबर 2020 के बाद डेली केसेज एवरेज में बढ़त का सबसे लंबा सिलसिला नवंबर में देखने केा मिला था जब 19 से 24 नवंबर के बीच, छह दिन तक एवरेज बढ़ा था।

अभी तक के अपडेट के अनुसार, मंगलवार को कम से कम 13,742 नए केस सामने आए। इनमें तेलंगाना के आंकड़े शामिल नहीं हैं। तेलंगाना ने कहा है कि वह डेली केसेज की संख्‍या नहीं जारी करेगा। सबसे ज्‍यादा केस महाराष्‍ट्र से आए जहां 6,218 नए मामले दर्ज हुए। केरल दूसरे नंबर पर बरकरार रहा जहां से 4,034 नए मामले सामने आए। इन दो राज्‍यों को मिला दें तो देश के 75% से ज्‍यादा कोरोना केस यहीं से आए।

मंगलवार को कोरोना ने 100 से ज्‍यादा की ली जान

पंजाब से मंगलवार को 426 नए मामलों का पता चला जो कि पिछले दो महीने में सबसे ज्‍यादा है। गुजरात में भी केसेज बढ़े हैं। मंगलवार को कोविड से मौतों की संख्‍या 104 रही जिनमें से सबसे ज्‍यादा 51 मौतें महाराष्‍ट्र में दर्ज की गईं। पिछले तीन दिन से कोविड से मौतों की संख्‍या 100 से नीचे रह रही थी।

महाराष्‍ट्र के जालना के स्‍कूल-कॉलेज और बाजार बंद

केसेज बढ़ने पर जालना में स्‍कूल-कॉलेज और रात्रि त्रबाजार बंद कर दिए गए हैं।वहीं, अमरावती में सप्ताह भर का लॉकडाउन सोमवार को रात आठ बजे से शुरू हो गया और एक मार्च को सुबह आठ बजे तक लागू रहेगा। विदर्भ में अकोला मंडल में सबसे ज्यादा 1392 मामले सामने आए जबकि मुंबई मंडल में 1250 मामलों की पुष्टि हुई है।

दिल्‍ली में बाहर से आए तो दिखानी होगी कोरोना रिपोर्ट

देश के कुछ हिस्‍सों में कोविड केसेज में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्‍ली में सतर्कता बढ़ा दी गई है। महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, एमपी और पंजाब से दिल्ली आने वालों को RT-PCR की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा। यह रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। नया नियम 26 फरवरी यानी शुक्रवार की आधी रात (23.59 बजे) से लागू हो जाएगा और 15 मार्च (दोपहर 12 बजे) तक लागू रहेगा,.

नए स्‍ट्रेन मिलने पर क्‍या कह रहे एक्‍सपर्ट?

वीकली ब्रीफिंग में नीति आयोग के सदस्‍य डॉ वीके पॉल ने दो नए वैरियंट्स मिलने की जानकारी दी। उनके मुताबिक, यह दो वैरियंट्स काफी पहले सामने आ चुके थे। पॉल ने कहा कि ‘E484K मार्च और जुलाई के बीच डिटेक्‍ट हुआ मगर इसका कोई असर नहीं था… हम और वैज्ञानिक सबूत की तलाश कर रहे हैं।’ उन्‍होंने यह भी बताया कि देश में 187 लोगों में यूके स्‍ट्रेन मिला है जबकि साउथ अफ्रीकन वैरियंट छह लोगों में। एक केस में ब्राजील वैरियंट का भी पता चला है।

इन राज्‍यों में केंद्र को भेजनी पड़ी है टीम

भारत में कम से कम सात राज्‍यों में कोविड केसेज बढ़ रहे हैं। डॉ पॉल ने कहा कि महाराष्‍ट्र, केरल, पंजाब, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ तथा जम्‍मू और कश्‍मीर में केसेज बढ़ना एक ‘वॉर्निंग सिग्‍नल’ है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि छह राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक्‍सपर्ट टीमें भेजी जा रही हैं जो इस बढ़त के पीछे की वजह का पता लगाएंगी।

कोरोना टीकाकरण अभियान में आई तेजी

भारत ने रजिस्‍टर्ड फ्रंटलाइन वर्कर्स में से 42% को वैक्‍सीन की पहली डोज दे दी है। कम से कम नौ राज्‍य ऐसे हैं जहां 2 फरवरी से इस कैटिगरी के लिए शुरू हुए अभियान में 60% वर्कर्स को कवर किया जा चुका है। उन हेल्‍थकेयर वर्कर्स को जिन्‍हें कोरोना टीका लगवाए 1 हफ्ते से ज्‍यादा समय हो गया है, उनमें से 63 प्रतिशत को मंगलवार तक दूसरी डोज दे दी गई है।

वैक्‍सीन: 60 से ज्‍यादा उम्र वालों का भी सेल्‍फ रजिस्‍ट्रेशन?

भारत में 60 साल से ज्‍यादा उम्र वालों और को-मॉर्बिडिटीज से जूझ रहे लोगों को वैक्‍सीन के लिए सेल्‍फ रजिस्‍टर करने की अनुमति मिल सकती है। केंद्र सरकार के एक अधिकारी के हवाले से एक हिंदी अख़बार ने यह रिपोर्ट दी है। ये लोग उस जगह का चुनाव भी कर पाएंगे जहां इन्‍हें टीका लगवाना है। इसके लिए मोबाइल ऐप में बदलाव किए गए हैं। पहले 50 से ज्‍यादा उम्र वालों को रजिस्‍टर करने की अनुमति देने की बात थी लेकिन फिर इसे बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया क्‍योंकि उन्‍हें ज्‍यादा रिस्‍क है। वैक्‍सीनेशन का सर्टिफिकेट Co-WIN और डिजिलॉकर जैसे सरकारी प्‍लेटफॉर्म्‍स पर उपलब्‍ध होगा।

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