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‘तुम अब कोई काम के नहीं’, फायदा लेने के बाद बर्नी सैंडर्स को किनारे कर दिये बाइडन

क्या जो बाइडन ने बर्नी सैंडर्स को दुलत्ती मार दी? जब बाइडन का चुनाव प्रचार ज़ोरों पर था, तब ऐसा लग रहा था, मानो बाइडन नहीं, बल्कि बर्नी सैंडर्स का प्रचार अभियान चल रहा हो। बाइडेन ने सैंडर्स के समाजवादी विचारों का ऐसा प्रसार किया मानो सत्ता में आते ही अमेरिका में समाजवाद की बहार आएगी। परंतु सत्ता में आते ही जो बाइडन ने ऐसी पलटी खाई, मानो बर्नी सैंडर्स उनके लिए किसी टिशू पेपर के समान थे, कि इस्तेमाल करो और फिर फेंक दो।

हाल ही में बाइडन ने अपने वित्त मंत्री के तौर पर जैनेट येलेन को चुना। इससे उन्होंने एक स्पष्ट संदेश भेजा – उन्हें अपने मंत्रिमंडल के तौर पर सब्सिडी प्रेमी, मार्केट विरोधी राजनेता नहीं, बल्कि परिपक्व और व्यावहारिक सोच रखने वाले मंत्री चाहिए।

जैनेट येलेन अमेरिका के रिजर्व बैंक यानि US फेड्रल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वे बर्नी सैंडर्स के ठीक उलट एक परिपक्व और डेटा के आधार पर काम करने में विश्वास रखने वाली राजनेता है, जो उदारवादियों और दक्षिणपंथियों में बराबर रूप से लोकप्रिय रही है। वे ऐसे किसी भी विचार को बढ़ावा नहीं देती, जो लोकलुभावन तो हो, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करके छोड़े।

फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत के दौरान माइकल ग्रीनबर्जर ने बताया, “जैनेट के बारे में सबसे बढ़िया बात यही है कि वह किसी विचार से नहीं बंधी हुई है, और इसीलिए वह मार्केट और लेबर क्षेत्र में बराबर रूप से लोकप्रिय है। वह समय लेकर सभी जानकारी ध्यान से पढ़ती है, और जब वह अपने विचार सबके समक्ष रखती है, तो उसकी कोई काट अक्सर नहीं होती, क्योंकि वह विचार तथ्यों से परिपूर्ण होते हैं”।

परंतु इसी बात से तो बर्नी सैंडर्स जैसे लोगों को समस्या है। उन्हें चाहिए था ऐसा वित्त मंत्री, जो बिना सोचे समझे और बिना किसी ठोस तर्क के समाजवादी योजनाओं को बस उनके एक इशारे पर लागू करता रहे। अब जैनेट येलेन के वित्त मंत्री बनने से उनकी अमेरिका को वेनेजुएला बनाने के सपनों पर भी पानी फिरने वाला है। वेनेजुएला वही देश है जहां भुखमरी की समस्या से निपटने के लिए उनके राष्ट्रपति निकोलस माडुरो खरगोश खाने की सलाह देते हैं।

2011 में तो बर्नी सैंडर्स ने एक संपादकीय लेख का प्रचार करते हुए ये भी कहा था कि अमेरिका का सपना तो दक्षिण अमेरिका के देश जैसे इक्वाडोर, वेनेजुएला और अर्जेन्टीना में साकार होता दिख रहा है। इसे सैंडर्स ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर मस्ट रीड के श्रेणी में भी डाला था।

लेकिन जब वेनेजुएला की सच्चाई जब सामने आने लगी, तो सैंडर्स ने कहा कि उनका समाजवाद माडुरो के समाजवाद से बहुत अलग है। वे अब भी जुआन गीडो को वेनेजुएला का वास्तविक नेता नहीं मानते।

सच कहें तो बर्नी सैंडर्स को मुक्त अमेरिका और उसकी स्वच्छंद अर्थव्यवस्था से सख्त नफरत है। इसीलिए उन्होंने बाइडन को जिताने पर पूरा ज़ोर लगा दिया, लेकिन सत्ता में आते ही बाइडन ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को यथावत रखने की दिशा में जैनेट येलेन का बतौर वित्त मंत्री चुनाव किया।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि बाइडन ने अमेरिका के ‘हित’ के लिए बर्नी सैंडर्स के समाजवाद की बलि चढ़ाई है।

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