उत्तर प्रदेश

ताजमहल का दीदार होगा महंगा, 50 वाले टिकट पर नहीं देख पाएंगे कब्र

ताजमहल का प्रवेश टिकट दिसंबर में महंगा होना तय है। शाहजहां और मुमताज की कब्रों वाले मुख्य गुंबद के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण 200 रुपये का अतिरिक्त प्रवेश शुल्क लगाने जा रहा है। तब 50 रुपये वाले प्रवेश टिकट से पर्यटक मार्बल प्लेटफॉर्म तक तो पहुंच पाएंगे, लेकिन कब्र कक्ष में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। कब्र कक्ष के गेट पर ही 200 रुपये के अतिरिक्त शुल्क वाले टिकट की जांच की जाएगी।

ताजमहल में भीड़ प्रबंधन के लिए नीरी की सिफारिश पर स्टेप टिकटिंग का कदम एएसआई उठाने जा रहा है। दिसंबर से मुख्य गुंबद के लिए अलग से 200 रुपये का टिकट सभी पर्यटकों के लिए लागू होगा। इनमें विदेशी और भारतीय के साथ सार्क पर्यटकों को भी शाहजहां-मुमताज की कब्रें देखने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। मौजूदा 50 रुपये का टिकट चमेली फर्श से ऊपर वाले मार्बल प्लेटफॉर्म तक ही उपयोग किया जा सकेगा। 

पर्यटक सीढ़ियों से प्लेटफॉर्म पर जाकर चारों ओर और यमुना किनारा की ओर भी घूम सकेंगे, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। गुंबद के अंदर जाने के लिए गेट पर ही कैनोपी लगाई जाएगी, जहां अतिरिक्त टिकट की जांच होगी। पूर्व में चमेली फर्श पर ही पर्यटकों को रोकने का प्रस्ताव था, लेकिन मंत्रालय ने इसे संशोधित कर मार्बल प्लेटफॉर्म तक जाने की अनुमति दी है। 

अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि दिल्ली मुख्यालय से जब अतिरिक्त टिकट का आदेश आ जाएगा, तब से नई टिकट दरें लागू कर दी जाएंगी। हमारी पूरी तैयारी है। 

ताज परिसर की कतार से मिलेगी मुक्ति
ताजमहल परिसर के अंदर 1500 से 1800 मीटर लंबी भारतीय पर्यटकों की कतार लगती है जो मुख्य गुंबद में कब्रें देखने वालों के लिए होती है। दिसंबर से प्रस्तावित नए टिकट से कब्रें देखने वालों की संख्या कम होगी, ऐसे में कतार से मुक्ति मिल सकेगी। एएसआई कर्मचारी और सीआईएसएफ के जो जवान कतार को नियंत्रित करने में लगते हैं, वह सुरक्षा में और पर्यटकों के प्रबंधन में लग सकेंगे।

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