उत्तर प्रदेश

डीरेका में चलता रहेगा डीजल रेल इंजनों का उत्पादन: पीयूष गोयल

वाराणसी के डीरेका में डीजल रेल इंजनों का उत्पादन जारी रहेगा। इसे बंद नहीं किया जाएगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को डीरेका का निरीक्षण करने के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने 10 हजार व 12 हजार क्षमता के कन्वर्जन लोको का निरीक्षण किया। जल्द ही इन रेल इंजनों का लोकार्पण करेंगे।

उन्होंने महिला कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने होमी भाभा कैंसर अस्पताल व कैंट रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। रेलमंत्री ने कहा कि डीरेका की वर्तमान क्षमता 173 से बढ़कर 400 होना गर्व का बात है।

उन्होंने इंजन की लागत कम करने के लिए डीरेका की योजना को साहसिक कदम बताया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं भी बताई। लक्ष्य के सापेक्ष मानव शक्ति व संसाधन को बढ़ाया जाए। रेल मंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कर्मचारियों को सम्मनित भी करने की भी बात कही।

इस दौरान विधायक रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक रश्मि गोयल, आरपीएफ कमांडेंट देवराज मौर्या मौजूद रहे। कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे रेल मंत्री ने यात्रियों की सुविधा के लिए चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य भवन की बाहरी दीवारों पर रंगरोगन का निर्देश दिया।

इसके पूर्व रेलमंत्री ने लहरतारा स्थित होमी भाभा कैंसर हास्पिटल में चिकित्सकीय सुविधा और बीएचयू में निर्माणाधीन अत्याधुनिक कैंसर संस्थान का जायजा लिया। उन्होंने दिसंबर तक काम पूरा करने का निर्देश दिया। 

खुले में बैठे यात्रियों के बारे में पूछा

मुख्य भवन से बाहर निकलने के दौरान उनकी निगाह सर्कुलेटिंग एरिया में बैठे यात्रियों पर गई। पूछने पर डीआरएम ने बताया कि नवनिर्मित यात्री विश्राम कक्ष में पर्याप्त जगह है। इस पर उन्होंने कहा जानकारी निर्देशन बोर्ड लगाने को कहा। निरीक्षण के बाद संकटमोचन मंदिर जाने के लिए निकले रेलमंत्री का काफिला डीरेका का रेलवे फाटक बंद होने से 10 मिनट तक रुका रहा।

देव दीपावली के अवसर पर डीजल लोकोमोटिव वर्क्स को देखना आनंद देने वाला क्षण रहा। डीजल इंजन को इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने के लिए काफी बेहतर योजनाएं बनाई हैं। इससे खर्च भी काफी कम हो गया है। उन्होंने सदस्य ट्रैक्शन, डीरेका महाप्रबंधक व सभी डीरेका कर्मियों को इसके लिए बधाई।

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