ख़बर

ट्रंप को मिली जहरीली चिट्ठी, भेजने वाला रिटायर्ड अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी नेवी के एक वेटरन को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। इस वेटरन पर आरोप है इसने राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप, रक्षा मंत्री जिम मैटिस, एफबीआई डायरेक्‍टर और एक एडमिरल को कैस्‍टर के बीजों से भरा जहरीला मेल भेजा था। इन बीजों से ही खतरनाक जहर राइसिन तैयार किया गया है। उटा के साल्‍ट लेक सिटी के डिस्‍ट्रीक्‍ट कोर्ट की ओर से विलियम सिल्‍डे एलेन थर्ड पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्‍होंने बायोलॉजिकल तत्‍व को जहर के तौर पर प्रयोग करके राष्‍ट्रपति और बाकी व्‍यक्तियों के लिए जानलेवा कम्‍यूनिकेशंस को अंजाम दिया।

एलेन की उम्र 39 वर्ष है और अगर उनका दोष सही साबित हुआ तो फिर उन्‍हें जिंदगी भर जेल में ही रहना होगा। जो चिट्ठियां एलेन की ओर से भेजी गईं थी वह किसी को भी मिल नहीं सकी और इसलिए सबकी जान बच गई। पेंटागन की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई थी कि चिट्ठियों में राइसिन नामक जहरीला तत्‍व था। हालांकि प्रवक्‍ता क्रिस शेरवुड की ओर से बताया गया था कि पूरे मामले की जांच को संबधित एजेंसियों के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा। फिलहाल पेंटागन अभी इस बात की आधिकारिक तौर पर जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है कि लिफाफे में राइसिन ही था या कुछ औरजांच के लिए एफबीआई को लगा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि ये चिट्ठियां अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस और यूएस नेवी चीफ एडमिरल जॉन रिचर्डसन को लिखी गई थी। पेंटागन में जो चिट्ठियां आती हैं उनकी जांच के लिए मेन बिल्डिंग से बाहर एक मेन बिल्डिंग है। जांच सेंटर के कर्मचारी को सबसे पहले चि‍ट्ठियों में राइसिन के होने का शक जताया था। राइसिन का प्रयोग आतंकवादी साजिश के लिए किया जाता है। अमेरिकी न्‍यूज चैनल सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि व्हाइट हाउस और पेंटागन को भेजी गई चिट्ठियां आपस में जुड़ी हैं। दोनों में ही कैस्‍टर ऑयल के बीज से बना पदार्थ राइसिन है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि न होने की वजह से इसका नाम राइसिन नहीं बताया जा रहा है।

राइसिन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अगर इसके निगला, सुंघाया या इंजेक्शन के रूप में दिया जाए तो सिर्फ कुछ सेकेंड्स के अंदर किसी की मौत हो सकती है। इसका प्रभाव साइनाइड के मुकाबले 6000 गुना ज्यादा होता है। इसके लक्षणों में उल्टी आना, आतंरिक अंगों से खून का बहना और सांस लेने में तकलीफ आना शामिल है। इससे पहले रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज को लिखी गई चिट्ठियों में सफेद रंग के पाउडर जैसे पदार्थ के संपर्क में आने के बाद ह्यूस्टन और टेक्सास में दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

Back to top button