उत्तर प्रदेश

टिड्डी दल के सम्भावित प्रकोप से बचाव के लिए दिए गए दिशा-निर्देश

बहराइच। जिला कृषि रक्षा अधिकारी आर. डी. वर्मा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृृषि संगठन द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार टिड्डी दलो के आने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। टिड्डी दलो के सम्भावित आक्रमण एवं प्रकोप से बचाव हेतु जनपद के सभी विकासखण्डों में जागरूकता फैलाकर आकस्मिक आक्रमण की दशा में पूर्व से ही सर्तक रहने के लिए शासन द्वारा निर्देश दिये गये है। कृषि रक्षा अधिकारी श्री वर्मा ने बताया कि कृृषि विभाग में समस्त क्षेत्रीय कर्मचारियो को निर्देश दिया गया है कि टिड्डी दलों के जनपद में प्रवेश की सूचना मिलने पर अपने–अपने क्षेत्रो में टिड्डी दलों के प्रकोप की सतत निगरानी करते रहें और किसान भाईयो को इसके बचाव की जानकारी भी उपलब्ध कराते रहे। इसके अलावा किसान भाई किसी भी कीट/रोग के लगने की दशा में रोगग्रस्त फसल/पौधे के फोटो के साथ विभागीय पी.सी.एस.आर.एस. मोबाइल नम्बर 9452247111 एवं 9452257111 पर व्हाटसएप अथवा टेक्सट मैसेज के माध्यम से अवगत करा सकते है।

कृषि रक्षाधिकारी श्री वर्मा ने किसानों से अपील की है कि जनपद में टिड्डी दल के प्रकोप की स्थिति में तत्काल कृृषि विभाग के अधिकारियो, क्षेत्रीय कर्मचारियो को सूचित करते हुए ढोल, टीन के डब्बों, थालियो आदि को जोर–जोर से बजाते हुए शोर मचायें। शोर मचाने से टिड््डी दल आस–पास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पायेंगें। उन्होनें यह भी बताया कि वर्तमान मौसम एवं बलुई मिट्टी टिड्डे के प्रजनन एवं अण्डे देने हेतु अनुकूल है। टिड्डी दल के आक्रमण से सम्भावित ऐसी मिट्टी वाले क्षेत्रो में किसान भाई जुताई करवाकर एवं जल का भराव कराकर टिड्डी दल के विकास की सम्भावना को कम कर सकते है। टिडडी् दल के न्यून, मध्यम प्रकोप की दशा में किसान भाई क्लोरपायरीफाॅस 20 प्रतिशत ई.सी. का तीव्र छिडकाव करें। इसके अतिरिक्त क्लोरपायरीफाॅस 50 प्रतिशत या क्वीनालफाॅस 25 प्रतिशत या लैम्बडासाय हैलोथ्रिन 5 प्रतिशत या मैलाथियान 50 प्रति ईसी. की 02 मिली0 मात्रा 1 लीटर पानी के साथ प्रयोग कर सकते है।

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