क्राइम

झूठ बोलकर युवक की किन्‍नर से करा दी शादी, पहली रात ही ऐसे खुल गयी पोल

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पनकी के रहने वाले दंपती ने झूठ बोलकर अपनी किन्नर संतान की शास्त्री नगर निवासी एक युवक से शादी करा दी।लेकिन शादी की पहली रात में इस झूठ की पोल खुल गई। आखिरकार बहू अपने मायके चली गई। वहीं, धोखाधड़ी का शिकार युवक ने काकादेव थाने में अपनी किन्नर पत्नी, सास-ससुर और बिचौलिए समेत 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कानपुर में इस तरह का अनूठा मामला सामने आने के बाद अब थाना प्रभारी विभाग के बड़े अफसरों से मामले में कार्रवाई करने की सलाह ले रहे हैं।

हुबहू लड़की जैसी दिखती है किन्नर
शास्त्री नगर निवासी पीयूष ने बताया कि उसकी शादी 28 अप्रैल 2021 को पनकी बी-ब्लॉक निवासी भारीगथी यादव की बेटी सुनीता यादव से हुई थी। सुनीता जन्म से किन्नर थी, यह बात सुनीता के परिजनों को पता थी। इसके बाद भी विजय नगर निवासी सत्यदेव चौधरी ने शादी के लिए मध्यस्थता की और दोनों की शादी करा दी। शादी के बाद सच्चाई सामने आई तो पूरा परिवार दंग रह गया। सुनीता ने खुद बताया कि वह शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने जबरन उसका शादी यह बात छिपाकर कर दी।

मामला खुलने पर सुनीता अपने घर चली गई और ठगी का शिकार और समाज में फजीहत झेलने के बाद पीयूष ने काकादेव थाने में सुनीता के साथ ही साला सुरेंद्र यादव, ससुर भागीरथी यादव, सास, साली इंदु, लक्ष्मी, सुनीता के जीजी और मध्यस्थता कराने वाले सत्यदेव चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। पीयूष ने बताया कि सुनीता को देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता कि वह किन्नर है। थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बड़े अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर सलाह ली जा रही है।

पहले पुलिस ने टरकाया, फिर रिपोर्ट देखकर दंग रह गई पुलिस
पहले लड़के पक्ष के आरोप को काकादेव पुलिस मानने को ही तैयार नहीं थी और तहरीर देने के बाद भी लौटा दिया था। पीड़ित पीयूष ने मामले की शिकायत अफसरों से की और सुनीता की जांच रिपोर्ट उनके सामने रखी तो पुलिस को भरोसा हुआ। इसके बाद काकादेव पुलिस एफआईआर दर्ज करने को तैयार हुई। पीयूष ने बताया कि शादी के बाद सुनीता की जांच उन्होंने खुद कराई तो सच्चाई सामने आई थी। इसके चलते सभी जांच रिपोर्ट उनके पास हैं और एफआईआर का आधार बनीं।

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