क्राइम

जेल ब्रेक : शातिर प्लान बनाया था यूपी का मास्टरमाइंड, लेकिन लॉकडाउन ने वापस लॉकअप पहुंचा दिया

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में महासमुंद की जेल की 21 फीट ऊंची दीवार को 5 बदमाश पार कर गए, पुलिस को चकमा देकर भाग गए। मगर अपने गुनाहों से भागकर जाते कहां? फरार कैदियों में से इस जेल ब्रेक का मास्टर माइंड अपने साथियों के साथ पकड़ा गया। जेल से भागने का प्लान लूट और डकैती के आरोप में सलाखों के पीछे रह रहे 22 साल के राहुल ने बनाया था। जब पुलिस ने पकड़ा तो इसने इस कांड के पीछे की पूरी कहानी बताई। पढ़िए प्रदेश भर में चर्चा में रहने वाले साल 2021 की इस बड़ी जेल ब्रेक के पीछे की पूरी कहानी।

7 दिनों से चल रही थी प्लानिंग
महासमुंद के SP प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि राहुल ने ही जेल से भागने का पूरा प्लान तैयार किया था। इसने साल 2019 में एक लूट की घटना को अंजाम दिया था। राहुल UP के गाजीपुर का रहने वाला है। तब महासमुंद की पुलिस ने इसे इसके साथ लूट की वारदात में शामिल धनसाय और डमरूधर को जेल भेज दिया था। ASP मेघा टेंभुरकर ने बताया कि 7 दिन पहले से राहुल ने जेल से भागने का प्लान बनना शुरू किया। जेल के जिस हिस्से में बंद थे। वहां पद गार्ड की ड्यूटी से लेकर किस जगह से निकला जा सकता है, हर बात पर अपने साथियों के साथ मिलकर नजर रख रहा था। इसके बाद इसे दीवार फांदकर भागना सही लगा तो वो इसकी तैयारी में लग गया।

2020 से ही बलात्कार का आरोपी दौलत और नशीले चीजों का धंधा करने वाला करण 2019 से जेल में थे। राहुल से इनकी दोस्ती हो चुकी थी। राहुल ने इन्हें भी अपने प्लान में शामिल किया। इसके बाद यह तय हो गया कि दीवार फांदकर भागना है। 21 फीट की उंचाई की दीवार पार करने का भी कामयाब प्लान बना। जेल में चार, कंबल शॉल जैसी चीजों को जोड़कर इन्होंने एक रस्सी बना ली। बैरक के पास लगी ट्यूब लाइट की पट्‌टी को मोड़कर इन शातिरों ने एंगल बनाया।

गुरुवार की दोपहर जब जेल का कोई भी स्टाफ इन पर नजर रखने को मौजूद नहीं था, इन बदमाशों को यही मौका सही लगा। एंगल को जेल की दीवार के ऊपर लगे लोहे से फंसाया। इसके बाद दो ने एक साथी कंधों पर उठाया और फिर शुरू हो गया जेल ब्रेक का खेल करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद ये शातिर जेल की दीवार से दूसरी तरफ उतर गए।

जोश-जोश में भागे, लॉकडाउन की खबर नहीं थी
SP प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पूरे जोश में ये 21 फीट की दीवार पार कर गए। जब वहां से नीचे कूदे तो पांचों के पैर और घुटने में चोट आई। राहुल इस बात से बेखबर था कि बाहर तो लॉकडाउन है। न गाड़ियां चल रही हैं न ही कुछ खाने को मिलेगा। पूरी ताकत लगाकर भागे, मगर हमारी टीम ने भी पीछा करते हुए इन्हें पकड़ लिया।

राहुल ने महासमुंद के बदमाशों को अपने साथ लिया, ये सभी अपने-अपने घरों की तरफ भाग रहे थे। राहुल इस उम्मीद में था कि सड़क के रास्ते ओडिशा और फिर वहां से यूपी चला जाएगा। मगर ये हो न सका पटेवा के पास से राहुल पकड़ लिया गया। करण, दौलत और डमरूधर नाम के बदमाशों को भी पकड़ लिया गया, पांचवें फरार कैदी धनसाय की तलाश जारी है।

पूरी सड़कें सील, तो जंगल से भागने का बनाया प्लान
पांचों बदमाशों जैसी जेल से भागे, पूरे जिले की पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। जगह-जगह नाकेबंदी हो गई। हर गांव में पुलिस पेट्रोलिंग होने लगी। लोगों के वॉट्सअप ग्रुप्स में फरार कैदियों की फोटो भेजी जाने लगी। ये सब राहुल और उसके साथी समझ चुके थे। मेन रोड पर पुलिस की गाड़ियां चौकस थी, तो युवकों ने जंगल के रास्ते भागने का प्लान बनाया। घटना के करीब 24 घंटे तक वो जंगल के रास्तों पर ही भागने लगे। घटना के फौरन बाद तो पूरा दम लगाकर युवक भागे। मगर दीवार फांदने की वजह से लगी चोटों पे चाल धीमी कर दी, जंगल की पगडंडियों पर लंगड़ाते हुए पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया।


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