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जालोर बस हादसा : गूगल मैप से रास्ता तलाशने में भटके, 11 केवी की लाइन से 6 जिंदा जले

राजस्थान के जालोर शहर से 7 किलोमीटर दूर महेशपुरा गांव में शनिवार रात करीब पाैने 11 बजे जैन समाज के श्रद्धालुओं से भरी बस हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। हादसे में 6 श्रद्धालु जिंदा जल गए। वहीं, 36 से अधिक श्रद्धालु झुलस गए। सभी काे जालाेर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से कुछ की हालत गंभीर हाेने पर उन्हें जोधपुर रेफर किया गया।

हादसे का शिकार बस में सवार सभी श्रद्धालु अजमेर जिले के ब्यावर के थे। यह बाड़मेर के नाकाेड़ा में दर्शन करने के बाद जालाेर के मांडाेली में जैन मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। यहां से ब्यावर जाते समय रास्ता भटककर महेशपुरा गांव पहुंच गए। वहां, संकरी गलियाें में झूलते ताराें की चपेट में बस आने से हादसा हाे गया।

बस में सवार रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि वे नाकोड़ा के बाद मांडोली में दर्शन करने पहुंचे थे। उसके बाद शनिवार देर शाम को जालोर शहर में पहुंच गए। यहां पर खाना खाने के बाद ब्यावर जाना था। गूगल मैप से ब्यावर जाने का रास्ता देखते हुए बस आगे बढ़ा रहे थे और गलती से महेशपुरा गांव पहुंच गए। इसके बाद यह हादसा हाे गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस गांव की संकरी सी गली में चली गई। वहां से निकलते वक्त गली में 11 केवी की लाइन काफी नीचे थी। बस का परिचालक तार को देखने के लिए ऊपर चढ़ गया था। इस दौरान सबसे पहले परिचालक का हाथ 11 केवी लाइन से छू गया। इसके बाद पूरी बस में करंट फैल गया।

हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। सभी अजमेर के रहने वाले थे। मृतकों में शाहपुरा मोहल्ला मालियों की चोपड़ ब्यावर निवासी सोनल (44) पत्नी अनिल जैन, मवाड़ी गेट शाही का तकीया गली ब्यावर निवासी सुरभी (25) पत्नी अंकित जैन, सुराणा नगर ब्यावर निवासी चांद देवी (65) पत्नी गजराज जैन, अजमेर निवासी राजेन्द्र (38) पुत्र दौलचंद जैन, ड्राईवर धर्मचदं जैन की मौत हो गई, जबकि खलासी की शिनाख्त होनी बाकी हैं।

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