सेहत

जहर है डार्क लिप्सटिक, धीरे-धीरे साबित होती है जानलेवा

डार्क लिपस्टिक में होता है लेड

आज के समय में श्रृंगार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है लिपस्टिक..शादी की पार्टी से लेकर घर के समान्य समारोह में लिपस्टिक के बिना महिलाओं का मेकअप पूरा ही नहीं होता। अगर लिपस्टिक को महिलाओं की जिंदगी का अभिन्न अंग घोषित कर दिया जाए तो ये कहना गलत नहीं होगा। पर क्या आप जानते है कि चेहरे पर निखार देने वाली लिपस्टिक आपकी जिंदगी को किस तरह से बर्बाद कर सकती है। जीं हां ये बात सच है कि लिपस्टिक आपके शरीर को स्लो प्वाइजन देने का काम करती है।

डार्क लिपस्टिक में होता है लेड –

डार्क लिपस्टिक

लिपस्टिक को चमकदार और लबें समय तक बनाये रखने के लिये इसमें लेड नामक तत्व मिलाया जाता है। जिसे सीसा के नाम से भी जाना जाता है। यह हमारे शरीर में काफी बुरा असर डालता है। इसके उपर किये गये एक शोध से यह पाया गया है कि लड़कियां अपने होंठ पर लिपस्टिक को दिन भर में 10 से 12 बार अप्लाई करती है। तो वह दिन में कम से कम 87 मिलीग्राम लिपस्टिक जीभ से अब्ज़ॉर्ब भी कर लेती है। जितनी ज्यादा डार्क रंग की लिपस्टिक होती है उसमें उतने ही अधिक मात्रा में लेड की उपस्थिति पाई जाती है।

किडनी फेल होने का खतरा –

किडनी फेल होने का खतरा

 

लिपस्टिक में क्रोमियम, कैडमियम, सीसा, मैग्नीशियम और एल्यूमिनियम जैसी धातुओं का उपयोग कर इसे बनाया जाता है जो होठों के द्वारा शरीर के अंदर तक जाने के बाद अंगों को पूरी तरह से डेमेज करता है इसके अलावा लिपस्टिक में कैडमियम जैसे तत्व की काफी मात्रा पायी जाती हैं, जो गुर्दे को खराब करने में मदद करती है। पेट के ट्यूमर का कारण भी बन सकती हैं।

त्वचा के लिए हानिकारक –

त्वचा के लिए हानिकारक

लिपस्टिक का उपयोग लगातार करते रहने से इसमें पाये जाने वाले कैमिकल्स आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाने में मदद करते है। इससे आंखों में जलन, एलर्जी, शरीर में जकड़न और गले में खराश जैसी समस्या बढ़ने लगती है। इसके अलावा यह त्वचा के रोम छिद्र बंद करके त्वचा संबंधी कई समस्याये बढ़ानें में मदद करता है।

पेट का अल्सर और लकवा –

पेट का अल्सर और लकवा

लिपस्टिक में मिलाया जाने वाला एल्यूमिनियम शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है। ये आपके होठों पर लगाने के बाद मुंह के जरिए पेट में जाने लगता है तो शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ने लगती हैं। जिससे पेट में अल्सर की समस्या बढ़ जाती है। साथ ही यह शरीर के अंगों पर  लकवा आदि रोगों को भी बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह शरीर में पहुंचकर रोगों से लड़ने की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी कम करने में मदद करता है।

सावधानी –

लिपस्टिक खरीदने से पहले उसमें दिये गए इंग्रेडिएंट्स की लिस्ट को जरूर पढ़ लें। आप ऐसी लिपस्टिक  का चुनाव करें । जिनमें किसी भी तरह के केमिकल्स (लेड) का उपयोग ना किया गया हो। और इस बात का भी खास ध्यान रखें कि कुछ ऐसी भी कंपनियां है जो इस बात का खुलासा प्रोडक्ट के पीछे नहीं करती। इसलिए खरीदने से पहले पूरी जांच कर लें।

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