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जम्मू को मिला नया मेयर, विकास कार्यो को मिलेगी रफ्तार

जम्मू : तेरह साल बाद जम्मू नगर निगम के हुए चुनाव के बाद वीरवार को मेयर भी चुन लिया गया। अब मेयर की देखरेख में जम्मू शहर सौंदर्यीकरण और विकास की राह पर फिर दौड़ेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रमोहन गुप्ता ने कांग्रेस और निर्दलीयों की रणनीति को विफल करते हुए मेयर का चुनाव जीता है।

वर्ष 2010 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद से जम्मू नगर निगम बिना मेयर के कामकाज कर रहा था। स्थानीय निकाय चुनाव नहीं होने से केंद्र से मिलने वाले करोड़ों रुपये के फंड बंद हो गए थे। अब मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाने के साथ ही शहर को केंद्र से फंड मिलने लगेंगे। गलियों, नालियों के अलावा विकास कार्यो में तेजी आएगी।

केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए 300 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। ऐसे ही पंचायत के लिए 700 करोड़ रुपये घोषित किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में जम्मू नगर निगम में कॉरपोरेटरों के पहुंचने से अब केंद्र से भी फंड मिलना शुरू हो जाएंगे। ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने तथा भविष्य में चुनावों के मद्देनजर इस बार खूब पैसा मिलने वाला है। साफ है कि आने वाले दिनों में जम्मू के दिन बदल जाएंगे। जम्मू शहर को पहले ही स्मार्ट सिटी की सूची में डाला जा चुका है। अब मेयर की देखरेख में यह सौंदर्यीकरण व विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। -सभी कॉरपोरेटरों को साथ लेकर करेंगे विकास

नवनिर्वाचित मेयर चंद्रमोहन गुप्ता ने सभी कॉरपोरेटरों को साथ लेकर शहर के विकास में और तेजी लाने तथा सौंदर्यीकरण को अपनी प्राथमिकता बताया है। उनका कहना है कि शहर को खूबसूरत बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

-क्रॉस वो¨टग भी भाजपा के पक्ष में

मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में क्रॉस वो¨टग साफ दिखी। निर्दलीयों और कांग्रेस ने भाजपा के लिए खाली मैदान न छोड़ने का मन बनाते हुए थर्ड फ्रंट तैयार किया था। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रत्याशी मैदान में उतारे। निर्दलीयों को मेयर पद दिया गया जबकि कांग्रेस ने डिप्टी मेयर पद पर अपनी प्रत्याशी चरणजीत कौर को मैदान में उतारा। क्रॉस वो¨टग तब सामने आ गई जब मेयर पद पर भाजपा को अपने 43 के अलावा दो और वोट मिले। भाजपा के मेयर को 45 वोट मिले। ऐसे ही डिप्टी मेयर पद की भाजपा प्रत्याशी को 48 वोट मिले जो अपने वोटों से पांच अधिक है। साफ है कि यह पांच वोट थर्ड फ्रंट के हैं। क्रॉस वो¨टग के इस सिलसिले में कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती दिखी। क्योंकि निर्दलीय मेयर प्रत्याशी विजय चौधरी तीस वोट ले पाईं जबकि कांग्रेस की चरणजीत कौर को 27 ही वोट मिले। थर्ड फ्रंट के कुछ कॉरपोरेटरों के भाजपा को वोट देने से यह स्थिति बनी। यहां यह बताना भी गैर मुनासिब नहीं होगा कि निर्दलीयों में कुछ प्रत्याशी भाजपा से टिकट नहीं मिलने के चलते निर्दलीय के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे।

नगर निगम में यह हैं चुनौतियां

-शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शुरू करना

-नगर निगम अधीनस्थ सभी वार्डो को सीवरेज के अधीन लाना

-जम्मू शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पॉलीथिन प्रतिबंध को लागू करवाना

-नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना

-नगर निगम से एनजीओ व्यवस्था को समाप्त करना

-शहर भर में नगर निगम की हाउस नंब¨रग करना

-सफाई कर्मियों के लिए कॉलोनी का निर्माण करना

यह हैं उम्मीदें

-पॉलीथिन की समस्या का स्थायी समाधान

-कचरा निस्तारण की व्यवस्था बनना

-हाउस नंब¨रग का प्रोजेक्ट शुरू होना

-शहर में पार्किग स्थल बनना

-जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों का निर्माण होना

-एनजीओ व्यवस्था समाप्त कर कर्मियों को कैजुअल करना

-वार्डो में सफाई व्यवस्था में सुधार आना

-वार्ड कार्यालय बनाकर निगम कर्मियों से समस्याओं का हल करवाना

-शहर का सौंदर्यीकरण होना

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