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जम्मू-कश्मीर: महबूबा की पार्टी के ये नेता हुए बागी, सज्जाद लोन का कर सकते हैं समर्थन

जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और बीजेपी का गठबंधन टूटने के बाद से महबूबा मुफ्ती की सियासी परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. पहले पीडीपी विधायकों ने बगावत की और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए हैं.

बेग ने सज्जाद लोन के थर्ड फ्रंट में शामिल होने के संकेत दिए हैं. ऐसे में एक बार फिर बीजेपी और पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व में सरकार बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं.

दिसबंर में पूरा हो रहा है राज्यपाल शासन

दरअसल जम्मू-कश्मीर में इसी साल 19 दिसंबर को राज्यपाल शासन के छह माह पूरे हो रहे हैं. ऐसे में पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन पीडीपी और नेशनल कांफ्रेस के कुछ विधायकों के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद में जुटे हैं. लोन के इस तीसरे मोर्चे को बीजेपी बकायदा समर्थन कर रही है.

जम्मू कश्मीर में 16 जून को बीजेपी -पीडीपी सरकार भंग होने के बाद से राज्यपाल शासन चल रहा है. ऐसे में  मुजफ्फर हुसैन बेग जैसे नेता कद्दावर नेता लोन के तीसरे मोर्चे के साथ आने की बात कर रहे हैं. पीडीपी में बेग के करीबी 6 से 7 विधायक हैं.

तीसरे मोर्चे को मिला बेग का साथ

पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग ने मंगलवार को कहा कि अगर तीसरा मोर्चा लोन के नेतृत्व में बनता है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि पीपुल्स कांफ्रेंस में जाना उनके लिए घर वापसी जैसा है.

हालांकि बेग ने कहा कि अभी उन्होंने पीडीपी छोड़ने का फैसला नहीं लिया है, मेरे लिए पीडीपी छोड़ना आसान नहीं है, क्योंकि इसका संविधान और राजनीतिक एजेंडा तैयार करने में मेरी अहम भूमिका रही है, लेकिन पीपुल्स कांफ्रेंस का संविधान भी मैंने ही लिखा था. सज्जाद गनी लोन के पिता दिवंगत अब्दुल गनी लोन मेरे बहुत अच्छे मित्र थे. सज्जाद गनी लोन मेरे बेटे जैसा ही है.

बेग ने कहा कि करीब एक साल पहले पीडीपी के संविधान में संशोधन की समिति का गठन कर मुझे अध्यक्ष बनाया गया था. मैंने कुछ सवाल महबूबा को भेजे थे, लेकिन आज तक उनका जवाब नहीं आया. अब मैं अपने भविष्य का फैसला तभी लूंगा जब पार्टी मेरे आज के बयान पर महबूबा जवाब देती हैं. अगर पीडीपी कोई नोटिस नहीं लेती तो मैं संगठन बदल सकता हूं.

पीडीपी के टूट सकते हैं विधायक

माना जा रहा है कि अगर बेग पीडीपी छोड़ते हैं तो कम से कम छह से सात विधायक महबूबा मुफ्ती को अलविदा कह सकते हैं. ऐसे में ये विधायक पहले से बागी तेवर अपनाए बैठे छह विधायकों के अलावा हैं.  

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