उत्तर प्रदेश

जब गले लगी शहीद की बेवा तो रो दीं स्मृति ईरानी, गुहार ऐसी कि कलेजा कांप जाए

पुलवामा में गुरुवार को शहीद हुए यूपी के कानपुर देहात के शहीद श्याम बाबू का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा, मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी शव के साथ ही पहुंची, पति का शव देख उनकी पत्नी रुबी बिलख पड़ी, वो बार-बार पति के अंतिम दर्शन के लिये गुहार लगा रही थी, लेकिन सीआरपीएफ के जवानों ने ताबूत नहीं खोला, शहीद की पत्नी की वेदना देख स्मृति ईरानी की आंखें भी छलछला गई।

श्याम बाबू की पत्नी रुबी बार-बार रोते-रोते बेहोश हो रही थी, रुबी को रोते देख केन्द्रीय मंत्री की आंखें भी छलछला गई, वो शहीद की पत्नी को बार-बार ढांढस बंधाते रही, वो कहती रही, कि जिसने भी ऐसा किया है, सेना उन लोगों से बदला लेगी, दोषी बच नहीं पाएंगे।

शहीद सीआरपीएफ जवान श्याम बाबू के भाई कमलेश ने उन्हें मुखाग्नि दी, इस दौरान उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिये सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई,सभी लोग एक ही नारा लगा रहे थे, शहीद श्याम बाबू अमर रहे, साथ ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाये गये।

श्याम बाबू की शादी को करीब 6 साल हो गये हैं, उनका एक चार साल का बेटा और 6 महीने की बेटी है, उनके घर पर मकान बनाने का काम चल रहा था, जिसकी वजह से श्याम बाबू छुट्टी पर आये थे, वो 29 जनवरी को ड्यूटी पर वापस लौटे, फिर छुट्टी लेकर 1 फरवरी को घर आ गये, 10 फरवरी को वापस ड्यूटी पर चले गये थे, शहादत की खबर ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

गुरुवार को जैसे ही पुलवामा में हमले की खबर आई, श्याम बाबू का पूरा परिवार परेशान होने लगा, वो उन्हें बार-बार फोन करने लगे, टीवी चैनल और दूसरे माध्यम से इस हमले की जानकारी लेने लगे। गुरुवार शाम 6 बजे डेरापुर थाने के सिपाही ने उनके घर आकर उनकी शहादत की सूचना दी, जिसके बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया, आस-पड़ोस के लोग रुबी को ढांढस बंधाने के लिये पहुंचने लगे।

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