क्राइम

जज की सड़क हादसे में मौत पर गंभीर सवाल, बाहुबली नेता हत्याकांड की कर रहे थे सुनवाई

धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में माना जा रहा था कि सड़क हादसे में उत्तम आनंद की मौत हुई है। मगर सीसीटीवी फुटेज आने के बाद मामला उलझता दिख रहा है। फुटेज से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि कहीं न्यायाधीश को ऑटो से धक्का मार कर हत्या तो नहीं कर दी गई? न्यायाधीश उत्तम आनंद  चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हादसे में मौत हुई या हत्या की गई? हालांकि ये जांच का मामला है, फिलहाल पुलिस कुछ भी कहने से परहेज कर रही है। सीसीटीवी फुटेज आने के बाद इस मामले की जांच हत्या के एंगल से भी की जा रही है। वहीं, हाई कोर्ट ने जिला जज से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगा है। सीसीटीवी फुटेज आने के बाद हर जुबां पर यह चर्चा जोरों पर है कि उन्हें एक ऑटो ने जानबूझकर टक्कर मारी।

तस्वीर देखने से यह साफ पता चल रहा है जज रोज की तरह मॉर्निंग वॉक करने अपने आवास से गोल्फ ग्राउंड जा रहे थे। रणधीर वर्मा चौक से आगे खाली सड़क पर बिल्कुल बायीं तरफ जॉगिंग कर रहे थे, तभी पीछे से एक ऑटो ने उन्हें धक्का मार दिया। जज साहब सड़क किनारे गिर पड़े और ऑटो चालक उसी रफ्तार से आगे बढ़ गया। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिखता है कि ऑटो पहले बिल्कुल सीधी दिशा में जा रहा था, लेकिन उसने अचानक लेन बदलकर सड़क के बिल्कुल बायीं ओर व्हाइट लाइन के किनारे जॉगिंग कर रहे जज साहब को अपनी चपेट में ले लिया और धक्का मारने के बाद फिर से सीधी लेन में आगे बढ़ गया। तस्वीर से यह अहसास होता है कि अगर ऑटो चालक ने नियंत्रण खोया होता, तो वह धक्का मरने के बाद सड़क किनारे पोल से टकराता, लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से धक्का मारने के बाद उसकी दिशा सीधी हो गयी।

झारखंड के आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस मामले में जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को उच्चस्तरीय जांच समिति बनाकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। बन्ना गुप्ता धनबाद जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। उन्होंने उत्तम आनंद के निधन पर शोक जताया। बन्ना गुप्ता ने कहा कि वे न्यायिक व्यवस्था के मजबूत स्तम्भ थे और पीड़ितों को हमेशा इंसाफ दिलाने के लिए कदम उठाए थे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति भी अपनी संवेदना प्रकट की है।

चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे उत्तम आनंद
न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह महीने पहले ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे. वे चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। कुछ दिन पहले ही शूटर अभिनव सिंह और अमन का गुर्गा रवि ठाकुर की जमानत याचिका उन्होंने खारिज कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि रंजय सिंह हत्याकांड मामले में ही उनकी हत्या की गई है.

2017 में हुई थी रंजय सिंह की हत्या

झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 में धनबाद-गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर चाणक्य नगर के मुख्य दरवाजे पर शाम में लगभग 5:30 बजे कर दी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के प्रतिशोध में 21 मार्च 2017 को डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की गई थी। नीरज सिंह की हत्या स्टील गेट के पास कोयला भवन जाने वाले मुख्य चौराहे पर धनबाद- गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर हुई थी। इस हत्याकांड में नीरज सिंह सहित चार लोगों की मौत हुई थी।

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