जरा हट के

चोरी की गाड़ी को छोड़ गया वापस, साथ रखी चिट्ठी जिसमें लिखा- ‘मजबूर बाप हूं और..’

आपने कई चोरी की घटनाओं के बारे में सुना होगा. लेकिन कभी किसी के ये नही पता चला कि इतने बड़े धोखे के पीछे आखिर वजह क्या होती होगी. FIR भी दर्ज किए जाते हैं वो चोरी के आरोप में कई सालों तक जेल में सड़ते हैं. हम किसी चोर का समर्थन नही बल्कि एक ऐसी घटना से रूबरू करवाने वाले हैं जिसे देखकर आपका भी हृदय पिघल जाएगा. दरअसल एक ऐसा भी चोर है जिसने चोरी किया हुआ बाइक वापस कर दिया और साथ मे एक चिट्ठी भी दी. पता चला कि उस चिट्ठी में उसने अपनी मजबूरी भरा बयान भी लिखा है जिसे पढ़ने के बाद आप भी करुणा में बह उठेंगे, चलिये पढ़ते हैं उस चिट्ठी को…

दरअसल यह वारदात हरियाणा के सफेदाबाद में हुई, जब शमशान से कुछ ही दूरी पर खड़ी बाइक चोरी हो गयी. बाइक के मालिक का नाम अभी तक अज्ञात है लेकिन वह चोरी की पूरी घटना नजदीकी दुकान के सीसीटीवी कैमरे के फ़ुटेज में आ गयी है. अभी उस चोरी की छानबीन शुरू ही हुई थी उसके 3 दिन बाद वापस बाइक उसी जगह खड़ी मिली जहां से चोरी हुई थी. उस चोर ने बाइक वापस कर दी थी और साथ मे एक चिट्ठी भी छोड़ गया.

यह चिट्ठी बाइक के हेडलाइट के ऊपर चिपकाया हुआ था जिससे कोई भी आसानी से पढ़ सके. भावनाओ से जुड़े इस पत्र में लिखा था – ‛आदरणीय भाई साहब, ये बाइक मैंने ही चुराया था और उसके पीछे एक बहुत बड़ी मजबूरी छिपी थी. तब मुझे सिर्फ एक दिन के लिए एक बाइक की जरूरत थी. चोरी में शामिल लड़के का इसमें कोई भागीदारी नही है सिर्फ मै ही इसका जिम्मेदार हूँ. मै फतेहाबाद का निवासी हूँ और ये पहली बार है जब मुझे बाइक चोरी करने की नौबत आयी. मै लाचार था इसलिए मज़बूरिवश यह चोरी करनी पड़ी, कृपया कर कोई पुलिस कार्यवाई ना करें, मैं गरीब और मजबूर बाप हूँ.’ इतना कहने के साथ उसने यह भी कहा कि घर आकर बाकी के पार्ट्स जैसे कि टंकी और गाड़ी का कागज मालिक के हाथ में सौंपेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस चोरी की लाइव वीडियो वहां के नजदीकी सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हो चुकी थी जिसे किसी ने सोशल मीडिया पर लीक कर दिया. इसमें आप अच्छी तरह देख सकते हैं कि 2 शख्स श्मशान गली में घूरते नजर आते हैं और मौका देखते ही वहां खड़ी बाइक लेकर फरार हो गए. लोगो की सुने तो कुछ लोग वीडियो लीक होने को ही बाइक के लौटाने की असली वजह मान रहे हैं क्योंकि इसकी मदद से आसानी से चोरों को पकड़ा जा सकता था. लेकिन उस पत्र को पढ़ने के बाद आप भी उस चोर मजबूरी समझ सकते हैं किस तरह उसने अपनी लाचारी बतायी और साथ ही मालिक के घर आने का वायदा भी किया. ये पहली बार है जब किसी चोर ने अपनी मजबूरी को बताया और चोरों का सामान भी लौटा दिया.

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