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चीन से दोस्ती तोड़ दिये किम जोंग उन, इस कारण बोला तानाशाह- अपनी अपनी देखो!

उत्तर कोरिया एक ऐसा देश है, जिसके बारे में अभी तक पूरी तरह से किसी को भी जानकारी नहीं है. यहां तानाशाही इतनी ज्यादा है कि हर छोटी से बात पर सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है. यहां का शासक किम जोंग उन अपने परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया को डराता रहता है. चीन के साथ इस देश के गहरे रिश्ते हैं लेकिन अब खबर आई है कि किम जोंग उन ने चीन से दोस्ती तोड़ दी है. चीन, नॉर्थ कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक दोस्त माना जाता है. लेकिन अब दोनों के बीच दरार आ गई है. तो आइए बताते हैं कि इसके पीछे वजह क्या है.

चीन के कस्टम एडमिनिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार बीजिंग ने अक्टूबर में प्योंगयांग को सिर्फ 253,000 डॉलर का सामान निर्यात किया था. सितंबर की तुलना अक्टूबर में यह आंकड़ा 99% कम था. चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और इकोनॉमिक लाइफलाइन है. उत्तर कोरिया किसी भी दूसरे देश से इतने बड़े पैमाने पर आयात नहीं करता है.

2016 और 2017 में उत्तर कोरिया के न्यूक्लियर हथियारों के कार्यक्रम के चलते संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से पहले चीन और कोरिया के बीच 90 फीसदी अधिक विदेशी व्यापार होता था. वहीं कस्टम के नए आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से बचाव के चलते उत्तर कोरिया ने चीन के साथ व्यापार में बड़ी कटौती की है जबकि चीन में हर रोज सिर्फ कुछ ही मामले सामने आ रहे हैं. इसका असर उत्तर कोरिया के फूड और ईंधन सप्लाई पर भी पड़ सकता है.

हालांकि, उत्तर कोरिया ने चीन के साथ व्यापार में कटौती के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है लेकिन इसके पीछे कोरोना को अहम कारण माना जा रहा है. साउथ कोरिया के एक सांसद ने एक जासूसी एजेंसी के आधार पर कहा कि किम ने कोरोना गाइडलाइंस का पालन न करने के लिए दो लोगों को मार दिया था. इसमें एक कस्टम अधिकारी भी शामिल था, जो चीन से सामान आयात करते समय कोरोना रोकथाम के नियमों का पालन सही ढंग से नहीं कर रहा था.

बता दें कि उत्तर कोरिया या अन्य किसी सूत्र से इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अगर यह खबर सही है तो साफतौर पर देखा जा सकता है कि किम कोरोना को लेकर कितना गंभीर है. चीन से व्यापार कटौती के फैसले ने दोनों देशों के व्यापार को प्रभावित किया है. अक्टूबर में बीजिंग से आए कस्टम डेटा से पता चलता है कि उत्तर कोरिया से चीनी आयात साल-दर-साल 74 प्रतिशत कम हुआ है.

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