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‘घायल शेर से दूर रहो’, ट्रम्प के कट्टर विरोधी अब उनपर पड़ने लगे हैं नर्म, वजह है- डर

Capitol Hill में हुए दंगों के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर लोकतन्त्र की हत्या करने के आरोप लगाने वाले Democrats का आक्रोश अब ठंडा पड़ता दिखाई दे रहा है। वे अब आक्रामकता के साथ ट्रम्प की निंदा करने से बच रहे हैं और पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ़ खुलकर बयानबाज़ी करने से परहेज़ कर रहे हैं। ट्रम्प अब बेशक अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं हैं, लेकिन उनके पास अब भी करोड़ों अमेरिकी नागरिकों का भरपूर समर्थन हासिल है। ऐसे में ट्रम्प के खिलाफ़ आक्रामक अभियान छेड़कर वे करोड़ों लोगों का गुस्सा नहीं झेलना चाहेंगे, जो आगे चलकर बाइडन प्रशासन के चार सालों के शासन में बड़ा अवरोध भी पैदा कर सकता है।

उदाहरण के लिए हाल ही में Democrat सांसद Dianne Feinstein ने खुलकर ऐसे Republican सांसदों का बचाव किया, जिन्होंने चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली होने के विचार को आगे बढ़ाया था। टेक्सास से सांसद Ted Cruz और मिसूरी से सांसद Josh Hawley खुलकर Electoral College के फैसले का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद Democrats इन दोनों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। Capitol Hill में हुए दंगों के लिए भी Democrats इन दोनों को ही निशाना बना रहे थे। हालांकि, Feinstein का बयान सुनकर उन्हीं की पार्टी के सांसद दंग रह गए!

Feinstein के मुताबिक “सीनेट आज़ादी को महसूस करने की जगह है। लोग यहाँ वो सब ही बोलने के लिए आते हैं, जैसे वे सोचते हैं। यही देश को नेतृत्व प्रदान करता है। कुछ मामलों में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो कुछ में नकारात्मक। निर्भर करता है कि कौन इसे किस नज़रिये से देखता है। ऐसी बातों पर चर्चा करने के लिए यह जगह बेहद महत्वपूर्ण है।” उनके इस बयान से अधिकतर Democrat सांसद बेशक सहमत नहीं होंगे, लेकिन इससे यह बात स्पष्ट होती है कि Democrat पार्टी में अब ट्रम्प के नज़रिये को लेकर भी स्वीकार्यता बढ़नी लगी है।

Feinstein ने Capitol Hill में हुई हिंसा के बाद खुद ट्रम्प की निंदा की थी। जनवरी 6 को हुई हिंसा के बाद Feinstein ने खुद ऐसे Republican सांसदों से पीछे हटने की अपील की थी, जो “ट्रम्प के समर्थन में हिंसा को भड़का रहे थे”। हालांकि, अब जब उनसे पूछा गया कि सीनेट को कितना जल्दी ट्रम्प के खिलाफ़ महाभियोग की कार्रवाई को आगे बढ़ाना चाहिए, तो उन्होंने कहा “ये राष्ट्रपति पहले ही अपना ऑफिस छोड़ रहे हैं, महाभियोग यहाँ प्रासंगिक नहीं रह जाता, लेकिन सच पूछिये तो अब मुझे इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ता।”

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