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घर-बार छोड़ साध्वी बन गई 21 साल की ये लड़की, आज करोड़ों हैं भक्त

अक्सर साधुओं के बारे में सोचने पर दिमाग में एक उम्रदराज़ और बड़े आदमी की छवि बनती है. टीवी पर आप जब भी प्रवचन देखते होंगे तो एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति आपको प्रवचन देते दिखाई देता होगा. ऐसे बहुत ही कम लोग होते हैं जो छोटी उम्र में साधू या साध्वी बन जाते हैं. लेकिन आज के इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसी साध्वी के बारे में बताने जा रहे हैं जो उम्र में बहुत छोटी हैं और दिखने में बहुत सुंदर. इस साध्वी की खूबसूरती के आगे कटरीना और ऐश्वर्या जैसी अभिनेत्रियां फेल हैं. जैसा कि हमने बताया कि ये साध्वी उम्र में बहुत कम है. आपको जानकर हैरानी होगी कि 21 साल की इस साध्वी का मन बहुत ही कम उम्र में भगवान से लग गया था. मात्र 10 साल की उम्र में इन्होंने अपना पहला सुंदरकांड पाठ किया था. अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ये साध्वी कौन है. दिमाग पर ज्यादा जोर देने की जरूरत नहीं है, चलिए हम आपको बताते हैं इस खूबसूरत साध्वी के बारे में.

10 साल की उम्र में भगवान के प्रति उमड़ा प्यार

दरअसल, हम जिस साध्वी की बात कर रहे हैं उनका नाम जया किशोरी है. उनकी उम्र केवल 21 साल है और इतनी कम उम्र में उन्होंने दुनियाभर में पहचान बना ली है. आपको जानकर हैरानी होगी कि 21 साल की इस साध्वी का सत्संग सुनने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. अब तक जया किशोरी कई शहरों में सत्संग कर चुकी हैं.

जया केवल भारत में नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं. विदेशों में भी जया को सुनने वाले हजारों की संख्या में लोग मौजूद हैं. वह अक्सर सत्संग के लिए विदेश जाती रहती हैं. उनके सत्संग का टेलीकास्ट लाइव टीवी पर किया जाता है. जितनी मधुर जया की आवाज़ है उससे भी ज्यादा खूबसूरत वह खुद हैं. लोग उनकी आवाज़ के साथ-साथ उनकी खूबसूरती के भी दीवाने हैं. बता दें कि महज़ 10 साल की उम्र में ही जया किशोरी का दिल भगवान श्री कृष्ण से लग गया था. उनके घर में हमेशा से भक्ति का माहौल था जिस वजह से उनका मन पूजा-पाठ में लगने लगा. उन्होंने 10 साल की उम्र में पहली बार सुंदरकांड का पाठ किया था.

आपको जानकर हैरानी होगी कि इतनी बड़ी साध्वी होने का असर उनकी पढ़ाई पर बिलकुल नहीं पड़ता. वह भक्ति के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखती हैं. जया ने अपनी स्कूलिंग कोलकाता के महादेव बिरला वर्ल्ड अकादमी से पूरी की है. फिलहाल वह भावनीपुर गुजराती सोसाइटी से आगे की पढ़ाई पूरी कर रही हैं. बचपन से ही भगवान की भक्ति में लीन होने के कारण लोगों ने उनका नाम राधा रख दिया था.

 

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