उत्तर प्रदेश

घर पर नहीं मोबाइल, कैसे करें पढ़ाई…इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली और कोरोना से मुश्किल में छात्र

उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेजों में आज से शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाओं में पहले दिन 60 फीसद विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। निजी स्कूलों में छात्र संख्या फिर भी ठीक थी। लेकिन डिग्री कॉलेजों और सरकारी विद्यालयों में हाल खराब रहा। सरकारी विद्यालयों में महज़ 20 फीसद छात्र ही ऑनलाइन जुड़ सके।

घर पर नहीं मोबाइल, कैसे करें पढ़ाई
सरकारी विद्यालयों में नवमीं से बारहवीं के छात्रों की आज से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होनी थी। इसमें अ‌धिकांश विद्यार्थी सिर्फ इसलिए कक्षा से नहीं जुड़ सके क्योंकि उनके पास मोबाइल नहीं था। मेरठ में चावली देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. नीलम सिंह कहती हैं छात्राओं के पास अपने फोन नहीं है। घर में एक फोन है उससे कितने बच्चे पढ़ सकेंगे। पहले दिन तो उपस्थिति बहुत कम रही।

घरों में लोग बीमार, इसलिए आ रही परेशानी
आरजी डिग्री महिला कॉलेज की प्रवक्ता डॉ. अमिता शर्मा ने कहा अभी महामारी का संकट टला नहीं है। मेरठ में रोजाना नए मरीज मिल रहे हैं। हर घर में कोई न कोई कोरोना संक्रमित है। ऐसे में विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षा से नहीं जुड़ पा रहे। किसी को घर संभालना है, किसी को मरीज देखना है। शिक्षकों का भी यही हाल है इसलिए ऑनलाइन कक्षा में उपस्थिति कम रही।

ताऊ ते के कारण टूटा कनेक्शन
पहले दिन ऑनलाइन कक्षाओं में छात्रों के न जुड़ पाने का कारण तूफान ताऊ ते भी रहा। ताऊ ते के कारण सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए। तार टूटने के कारण मोबाइल चार्ज नहीं हो पाए और छात्र कक्षा से नहीं जुड़ सके। शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन स्लो रहने के कारण छात्र नहीं जुड़ पाए।

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